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तीता फूल के बारे में जानते हैं आप? इन 10 बीमारियों को जड़ से कर सकता है खत्म

अगर आप शरीर में आयरन, मिनरल जैसे तत्वों की कमी से जूझ रहे हैं, तो तीता फूल खाकर दस तरह की बीमारियों से बच सकते हैं।

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Ritu Singh

Mar 27, 2022

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आयुर्वेद में तमाम ऐसे तमाम पेड़-पौधों के बारे में बताया गया है, जो हमारी सेहत को कई तरीके से फायदा पहुंचा सकते हैं, बस आपको इनका इस्तेमाल करना आना चाहिए। आपके आसपास मौजूद इन फूल-पौधों में तमाम औषधीय गुण मौजूद होते हैं और यही वजह है कि इनका विभिन्न दवाओं, भोजन आदि में इस्तेमाल किया जाता है।

ऐसा ही एक औषधीय गुणों से भरपूर फूल है तीता फूल (Teeta Phool) जिसका इस्तेमाल न केवल सजावट में बल्कि खाने में भी किया जाता है। इस फूल को रोंगाबनहेका, कोला बहक, धापत टीटा (असमिया), जंगली नॉनमंगखा (मणिपुरी), तेव-फोटो-आरा (खासी), खाम-छिट (गारो) के नाम से भी जाना जाता है।

आयुर्वेद के मुताबिक तीता फूल में ऐसे कई शक्तिशाली औषधीय गुण होते हैं, जो कई गंभीर बीमारियों और मौसमी संक्रमण को ठीक करने में एंटीबायोटिक का काम करते हैं। बताया जाता है कि इस लाल रंग के फूल में गठिया, खांसी और एनीमिया जैसे विकारों को दूर करने की ताकत होती है। चलिए जानते हैं कि इससे आपकी सेहत को और क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

चाहें तो कच्चा खाएं या मसाले के तौर पर खाने में यूज करें
तीता फूल या कड़वा फूल असम की पाक संस्कृति में खास अहमियत रखता है। यह खाया जाने वाला फूल पारंपरिक रूप से अपने शक्तिशाली औषधीय गुणों के लिए भोजन में जोड़ा जाता है।
इस फूल को कई तरह से पसंद किया जाता है, लेकिन अधिकतर लोग इसे खाना बनाने में मसाले के रूप में प्रयोग करते हैं। इसका स्वाद थोड़ा कड़वा होता है और यह प्रकृति में क्षारीय होता है। असमिया खाना पकाने में इसका अधिक इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर इसे दोपहर के भोजन में इस्तेमाल किया जाता है।

हेमोग्लोबिन बढ़ाता है तीता फूल
असम के कुछ हिस्सों में इस फूल का सेवन गठिया, खांसी और एनीमिया के इलाज के लिए किया जाता था। वहीं अरुणाचल के कुछ हिस्सों, मणिपुर और यहां तक कि बांग्लादेश में भी इस फूल का विभिन्न तरीकों से सेवन किया जाता है। कुछ लोग इसे कच्चा खाते हैं या मसाला बनाते हैं, तो कुछ इसे मिश्रित सब्जियों के साथ या चावल के साथ दी जाने वाले तली-भुनी चीजों के साथ परोसते हैं।

इस फूल की चाय भी बना सकते हैं
ऐसा माना जाता है कि इस फूल को कच्चा खाने या चाय के रूप में पीने या सब्जी में इस्तेमाल करने से खांसी और सर्दी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, चेचक और त्वचा रोगों में फायदा हो सकता है। तीता फूल के पत्ते के अर्क का उपयोग लीवर और प्लीहा की समस्याओं के इलाज में किया जाता है। इस फूल का इस्तेमाल खाने के अलावा इसके औषधीय गुणों के कारण कई उपचार में भी किया जाता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गई हैं। इनमें से किसी भी सलाह पर अमल करने या किसी तरीके को अपनाने का फैसला आपका व्यक्तिगत निर्णय होगा। किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले कृपया किसी विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करें।)

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