
TRAI New Rules
नई दिल्ली: टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने ब्रॉडकास्टिंग और केबल सर्विसेज सेक्टर के लिए अपने टैरिफ ऑर्डर में बदलाव किया है, जिसके बाद केबल टीवी यूजर्स कम कीमत में अधिक चैनल देख सकेंगे। नया बदलाव एक मार्च से लागू किया जाएगा। इससे पहले ट्राई ने बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था।
कम कीमत में देख सकेंगे ज्यादा चैनल
नए नियम के मुताबिक, एक मार्च से 130 रुपये (टैक्स के बिना) में ग्राहकों को कम से कम 200 फ्री टू एयर चैनल देखने को मिलेंगे, जो अभी तक सिर्फ 100 चैनल मिलते थे। वहीं 200 से ज्यादा चैनल्स के लिए 160 रुपये खर्च करने होंगे। साथ ही ट्राई ने ऐलान किया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को अनिवार्य किया है, उन्हें NCF चैनलों की संख्या में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा ट्राई ने वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (DPO) को लंबी वैधता पर रियायत देने की अनुमति दे दी है। ट्राई ने साफ कर दिया है कि एक से ज्यादा टीवी वाले घरों में दूसरे कनेक्शन पर NCF पहले कनेक्शन के 40% से ज्यादा नहीं हो सकेगा।
इंडिविजुअल चैनलों की NRP लिमिट खत्म
ट्राई ने किसी भी बकेट में शामिल इंडिविजुअल चैनलों के NRP लिमिट खत्म कर दी गयी है। 1 मार्च से इनका एमआरपी 12 रुपये तक होगा, जो अभी 19 रुपये तक है। रेगुलेटर ने बकेट बनाने के लिए दो शर्तें लगाई हैं, जिनसे चैनल बकेट्स पर डिस्काउंट करीब 33 प्रतिशत है। पहली शर्त ये है कि किसी बकेट में सभी अ-ला-कार्ट चैनलों के NRP का योग उस पूरे बकेट के प्राइस के डेढ़ गुने से ज्यादा नहीं हो सकता है। इसका मतलब ये है कि अगर कोई ब्रॉडकास्टर 10 चैनलों का बकेट 100 रुपये महीने पर ऑफर कर रहा हो तो सभी 10 चैनलों का कंबाइंड MRP 150 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता है। वहीं दूसरी शर्त है कि किसी भी अ-ला-कार्ट चैनल का MRP उस बकेट के किसी भी चैनल के ऐवरेज प्राइस के तीन गुने से ज्यादा नहीं होगा। यानी अगर किसी बकेट में चैनलों का ऐवरेज प्राइस 3 रुपये है तो उस बकेट के किसी भी एक चैनल का MRP 9 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता है।
Updated on:
06 Jan 2020 04:27 pm
Published on:
02 Jan 2020 12:46 pm
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