
फिल्म स्टार सलमान खान की तरह आमिर खान के लिए भी शुक्रवार का दिन राहत लेकर आया। गुजरात उच्च न्यायालय ने जाने माने फिल्म अभिनेता एवं सह निर्माता आमिर खान को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कच्छ जिले में लगान फिल्म की शूटिंग के दौरान चिंकारा (हिरण की प्रजाति के एक वन्यजीव) के गैरकानूनी इस्तेमाल से जुड़े एक मामले को खारिज कर दिया।
न्यायाधीश आर. डी. कोठारी ने वर्ष 2000 की ब्लाकबस्टर फिल्म लगान में चिंकारा के कथित गैरकानूनी उपयोग के मामले को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में कोई सबूत नहीं है।
वन विभाग की ओर से वन्यजीव अधिनियम के तहत दायर शिकायत में आमिर के अलावा उनकी पूर्व पत्नी रीना, फिल्म के निदेशक आशुतोष गोवारीकर, कार्यकारी निदेशक श्रीनिवास राव और सिनेमाटोग्राफर अशोक मेहता को आरोपी बनाया गया था।
अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि आमिर को बदनाम करने के लिए यह मामला दायर किया गया है। इस मामले में भुज की एक निचली अदालत ने पांचों के खिलाफ पूर्व में वारंट भी जारी किए थे जिन पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। इस प्रकरण को बाद में बंद कर दिया गया था मगर एक आरटीआई कार्यकर्ता की पहल पर वर्ष 2010 में इसे दोबारा शुरू किया गया था। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि फिल्म में कम्प्यूटर की मदद से बनाए गए नकली चिंकारा का विशेष प्रभाव तकनीक के जरिये इस्तेमाल किया गया था। ज्ञातव्य है कि चिंकारा एक संकटग्रस्त वन्य जीव है और बिना पूर्व अनुमति के इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
Published on:
09 May 2015 02:42 am
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