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नए बायपास से शाहगंज के ३०-४० गांव से सीधे जुड़े, पर्यटन की राह खुली, होशंगाबाद के व्यवसाय में भी इजाफा

पहले होशंगाबाद से बुधनी होते हुए लंबे फेर व जाम में से निकलकर जाना पड़ता था भोपाल,जबलपुर-पिपरिया से भोपाल-इंदौर की राह भी हुई आसान, सीधे हाइवे-69 से जुड़ा बायपास,शाहगंज के किसान-ग्रामीण व व्यवसायी होशंगाबाद के थोक बाजार-व्यवसाय से जुड़ गए

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नए बायपास से शाहगंज के ३०-४० गांव से सीधे जुड़े, पर्यटन की राह खुली, होशंगाबाद के व्यवसाय में भी इजाफा

नए बायपास से शाहगंज के ३०-४० गांव से सीधे जुड़े, पर्यटन की राह खुली, होशंगाबाद के व्यवसाय में भी इजाफा

देवेंद्र अवधिया
होशंगाबाद. बांद्राभान होशंगाबाद से नर्मदा नदी पर बने नए पुल और फोरलेन बायपास के सीधे होशंगाबाद से जुड़ जाने से सीहोर जिले की शाहगंज तहसील से कनेक्ट हो गया है। पहले बुधनी से 30 किमी फेर से होशंगाबाद खऱीदी करने व्यापारियों, किसानों और ग्रामीणों को आना-जाना पड़ता था। इस दौरान भारी ट्रैफिक, लगातार जाम और लंबी दूरी से आवागमन में भारी दिक्कतें होती थी, इसलिए लोग खरीदी करने भोपाल 70 किमी चले जाते थे। लेकिन बायपास नर्मदा पुल से अब मात्र 15 किमी में ही होशंगाबाद आवागमन की सुविधा हो गई है। बुधनी-होशंगाबाद के फेर में 12-13 किमी का अंतर खत्म हो गया है। इस अच्छा असर ये है कि होशंगाबाद के बाजार में इजाफा हो गया है। शाहगंज तहसील के करीब 30 से 40 गांव के हजारों ग्रामीण, व्यापारी, किसान सीधे होशंगाबाद शहर से जुड़ गए हैं। इन गांवों के लोग अब अपने बच्चों को होशंगाबाद के बड़े स्कूल-कॉलेज में पढ़ा रहे। मकान-प्लाट, कृषि भूमि की प्रॉपर्टी भी खरीद रहे हैं। क्योंकि लोगों को शाहगंज के मुकाबले स्कूल, अस्पताल की कम दूरी की सुविधा भी मिल गई है। लोग होशंगाबाद शहर में रहकर शाहगंज में व्यवसाय, कृषि कार्य भी अपडाउन कर आसानी से कर ले रहे। व्यापार-व्यवसाय के साथ ही पल्लेपार के गांवों व नर्मदा के उत्तर तट से आवागमन की सुविधा के कारण अब दक्षिण नर्मदा तटघाट पर स्थित बाईराम आश्रम व विंध्याचल पर्वत के सुंदर-मनोरम दृश्य के कारण पर्यटन स्थल की राह भी खुल गई है।

होशंगाबाद से हुई इन गांवों की कनेक्टिविटी
नर्मदा पुल व फोरलेन बायपास से शाहगंज तहसील के करीब 30-40 गांवों की कनेक्टिविटी होशंगाबाद से हुई है। इसमें होशंगाबाद तरफ के पुल को ही लें तो जोशीपुर, बघवाड़ा, रामनगर, बांद्राभान-जहानपुर, शाहगंज, डोबी, बकतरा, अकोला, पहारखेड़ी, परसवाड़ा, खटपुरा, सरदार नगर, सुड़ानिया, जैत, जोनतला आदि गांव नजदीकी से सीधे जुड़ गए हैं। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का गृह ग्राम जैत भी शामिल है। इन गांवों को कम दूरी की आवागमन की सुविधा मिलने से होशंगाबाद के बाजार, व्यवसाय और प्रॉपर्टी कारोबार में उठाव आया है।

आध्यात्म व पर्यटन से भी जुड़ाव हुआ
पहले लोग बांद्राभान (होशंगाबाद) के दक्षिण तट को ही जानते थे और यहां आते-जाते थे, लेकिन अब उत्तर तट (शाहगंज तरफ) का आध्यात्म और पर्यटन स्थल के विकास को लेकर भी राह खुल गई है। क्योंकि उत्तर तट पर स्थित बाईराम तपोस्थली आश्रम और बड़े संत पतई वाले महाराज का तपो स्थल है। यहां भी लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। यहां नया पर्यटन स्थल बनेगा। पहले होशंगाबाद से उत्तर तट घाट पर जाने के लिए बुधनी तरफ से लंबे फेर को पूरा कर जाना पड़ता था। विन्ध्याचल की पहाड़ पट्टी और नर्मदा पट्टी के करीब ढाई दर्जन गांव सीधे जुड़ गए हैं।

जबलपुर-पचमढ़ी का आवागमन भी सुगम
सीहोर जिले के शाहगंज व होशंगाबाद के बांद्राभान-रायपुर के बीच नर्मदा नदी पर पुल और फोरलेन बायपास बनने से जबलपुर, पचमढ़ी-पिपरिया से भोपाल-इंदौर का आवागमन भी काफी सुगम हो गया है। अब वाहन चालकों व लोगों को होशंगाबाद शहर में प्रवेश कर बुधनी होते हुए नहीं जाना पड़ता। अब सीधे बायपास से नेशनल हाइवे-69 से होते हुए भोपाल जाना आसान हो गया है।

इनका कहना है...
सीहोर जिले की शाहगंज तहसील के करीब 40 गांव नर्मदा पुल-फोरलेन के कारण होशंगाबाद से नजदीकी कनेक्टिविटी से जुड़े गए हैं। इससे शाहगंज-होशंगाबाद के बीच व्यापार-व्यवसाय की सुविधा दूरी के कम होने से बढ़ गई है। नर्मदा के दक्षिण तट से उत्तर तट भी सीधे जुडऩे से पर्यटन की राह भी खुली है।
-रामानुज मिश्रा, सीएमओ नपा शाहगंज जिला सीहोर

पहले बुधनी-होशंगाबाद के बीच भारी वाहनों की भारी आवाजाही और रेलवे फाटक, पुल पर जाम लगने से बुधनी-भोपाल जाने में बेहद परेशानी होती थी। शाहगंज-बांद्राभान के बीच नया नर्मदा पुल व फोरलेन बन जाने से राह आसान होने से शाहगंज के गांव होशंगाबाद से कम दूरी के कारण सीधे जुड़ गए हैं। इससे होशंगाबाद के बाजार सहित प्रॉपर्टी कारोबार में भी इजाफा आ रहा है। लोग शहर में मकान-प्लाट और कृषि भूमि भी खरीद रहे हैं।
-नरेंद्र गोयल, कॉलोनाइजर, होशंगाबाद

नर्मदा पुल-फोरलेन की सुविधा से जबलपुर, होशंगाबाद से भोपाल-इंदौर जाना बेहद आसान व सीहोर-होशंगाबाद दोनों जिले आपस में कनेक्ट हो गए हैं। इससे होशंगाबाद के बाजार-व्यवसाय में उठाव आने लगा है। दोनों जिलों को मिलकर पुल के नजदीक पर्यटन स्थल को भी विकसित करना चाहिए।
-राजकुमार खंडेलवाल, अध्यक्ष व्यापारी महासंघ होशंगाबाद


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