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धान के भुगतान में देरी और यूरिया की कमी पर बरसे किसान

-कृषि मंडी में हुई किसान मजदूर संघ बैठक-कलेक्टर से मिलकर समस्याओं पर हुई चर्चा

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धान के भुगतान में देरी और यूरिया की कमी पर बरसे किसान

धान के भुगतान में देरी और यूरिया की कमी पर बरसे किसान

होशंगाबाद. राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ की जिला बैठक बुधवार को कृषि उपज मंडी प्रांगण में हुई, जिसमें धान के भुगतान में हो रही देरी एवं यूरिया खाद की कमी को लेकर किसानों ने आक्रोश जताया। मुख्य रुप से धान खरीदी परिवहन,भुगतान,यूरिया की कमी आदि बिंदुओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन दिए जाने का निर्णय लिया गया। धान खरीदी के परिवहन के संबंध में अवगत कराया गया, जिसमें 11000 मीट्रिक टन की खरीदी का परिवहन हो चुका है, लेकिन 5000 मीट्रिक टन का परिवहन बकाया है। धान खरीदी का भुगतान 13 करोड़ का हो चुका है, लेकिन लंबित भुगतान शीघ्र किए जाने की मांग उठाई गई। रबी की मुख्य गेहूं व चने की फसल को जंगली जानवरों से बचाने को लेकर भी वन विभाग से सुरक्षा के उपाय किए जाने पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर की ओर से दो मुख्य बिंदुओं पर संगठन के पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि नरवाई जलाने पर कैसे नियंत्रण किया जाए। खाद के अंधाधुन्ध उपयोग पर कैसे नियंत्रण पर संगठन के पदाधिकारियों से सुझाव मांगे गए। कृषि कार्य के लिए फसल कटाई के समय विद्युत को सुचारु रुप से चालू रखने, चना,तुअर दलहन की खरीदी जैसे कि चना के खरीदी केंद्र गेहूं की भांति जगह-जगह खरीदी केंद्र बनाए जाने की अपेक्षा भी की गई।

पदाधिकारियों ने कलेक्टर से की चर्चा
संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के समक्ष किसानों की विभिन्न समस्याओं के संबंध में चर्चा की। संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष नीति राज पटेल, संभागीय अध्यक्ष ज्ञानेंद्र पटेल, जिला अध्यक्ष राकेश गौर, जिला उपाध्यक्ष मनोज यादव, जिला युवा सेना प्रमुख दिनेश मीणा, जिला प्रवक्ता गणेश गौर, होशंगाबाद से विजय मालवीय, डोलरिया से सुधीर पवार, सोहागपुर से भवानी सिंह, बनखेड़ी से रिंकू रावत, राजकुमार गौर,जितेंद्र गौर,जयकुमार यादव,सुशील गौर आदि पदाधिकारी शामिल रहे।

फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 दिसंबर
होशंगाबाद. जिले के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत रबी मौसम 2021-22 में अधिसूचित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2021 तय की गई है। कृषि उप संचालक जेआर हेडाऊ ने बताया कि किसान भाई निर्धारित तिथि तक संबंधित बैंकों / समिति में अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। फसल बीमा योजना शासन द्वारा स्वैछिक की गई है, जो किसान भाई इस बीमा योजना से बाहर होना चाहते हैं, वह बीमा की निर्धारित अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2021 से एक सप्ताह पूर्व संबंधित बैंक / समिति में निर्धारित आवेदन पत्र देकर योजना से बाहर हो सकते है। रबी मौसम के लिए प्रीमियम राशि स्केल ऑफ फायनेंस का 1.5 प्रतिशत देय है। अऋणी कृषक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा संबंधित बैंक शाखा एवं लोकसेवा केंद्र के माध्यम से करवा सकते हैं। ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित बैंक के माध्यम से किया जावेगा। रबी मौसम में पटवारी हल्का स्तर पर गेहू सिंचित, गेंहूं असिंचित एवं चना फसलों को अधिसूचित किया गया है। रबी गेहूं सिंचित फसल हेतु प्रति हेक्टेयर 630 रू. एवं चना फसल हेतु प्रति हेक्टेयर 511 रु. प्रीमियम किसानों को देय होगा। बीमा कराने के लिये किसानों को बोई गई फसलों का बोनी प्रमाण पत्र देने के लिये शासन स्तर से पटवारी पंचायत एवं सरपंच को अधिकृत किया गया है।

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