
होशंगाबाद. जिले के अंतर्गत सिवनीमालवा तहसील मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर बाबरी घाट और पथाडा घाट के पास बीच नर्मदा नदी में बने रेत के बड़े टापू पर रेत का अवैध उत्खनन करने के लिए सीहोर जिले का रेत माफिया रात दिन युद्ध स्तर पर पुलियाओं को बिछाकर मार्ग निर्माण का कार्य किया जा रहा है। सीहोर जिले के रेत माफियाओ द्वारा रेहटी तहसील के पास नर्मदा किनारे के ग्राम जांजना मट्ठागांव से बीच नर्मदा नदी में रोज ट्रकों और ट्रालो से सीमेंटेड पाइपों को लाकर नदी में डालकर मार्ग बनाया जा रहा है।
नर्मदा किनारे के ग्राम जांजना, मट्ठा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को भी यहां नर्मदा नदी में पाइपों को बिछाकर पोकेलन मशीन से मिट्टी डालकर मार्ग बनाने का कार्य लगातार चल रहा है। वही दूसरी तरफ कुछ पोकेलेंन मशीनों से नर्मदा नदी के बीच पानी से रेत का अवैध उत्खनन लगातार किया जा रहा है और सैकड़ो की संख्या में डम्परों से रेत परिवहन हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सीहोर जिले के प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी इस काम को बन्द कराकर कार्यवाही नही कर रहा है। रेहटी तहसील के अधिकारी जब भी जांजना खदान पर आते है तो रेत माफियाओ को सूचना कर देते है। जिसके कारण आज तक कोई कार्यवाही नही हो रही है। देखें मंगलवार 6 दिसंबर का वीडियो..
टापू पर डम्परों को पहुंचाने में लगेंगें एक सप्ताह
सूत्रों ने बताया कि सीहोर जिले के रेत माफियाओ द्वारा होशंगाबाद जिले के (जोगला ) रेत के टापू पर डम्परों को पहचाने के लिये युध्द स्तर पर काम चल रहा है। ताकि टापू पर पोकलेन मशीनों से रेत का अवैध उत्खनन करने डम्परों को टापू तक पहुंचाकर उस से परिवहन करने के लिए रोजाना पाइपों को बिछाकर रास्ता बनाने का कार्य चल रहा है। अगर ऐसी ही गति से निर्माण कार्य चलता रहा तो एक सप्ताह में यह सीहोर जिले से होशंगाबाद जिले की रेत का परिवहन करने डम्परों को बीच टापू पर पहुंच जाएंगे। अब देखना यह है कि क्या सीहोर और होशंगाबाद जिले के अधिकारी नर्मदा नदी में धार रोक कर बन रहे अवैध मार्ग को तोड़कर माफियाओ पर कार्यवाही करते है या युही माफियाओं का अवैध उत्खनन कर व्यापार जा रहता है।
Published on:
06 Dec 2021 10:26 pm

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