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इटारसी/ होशंगाबाद। लॉकडाउन में मजदूरों मीलों दूर पैदल चलकर या फिर ट्रेनों से अपने गांव की ओर पलायन कर रहे हैं। इसी बीच श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लौट रहे मजदूरों का लूटपाट का वीडियो वायरल हुआ। जिसमें सैकड़ो यात्री ट्रेन से उतरकर स्टेशन पर खाना और पानी लुटते हुए दिखाई दिए। घटना होशंगाबाद जिले के इटारसी की है जहां श्रमिक स्पेशल ट्रेन से एक राज्य से दूसरे राज्य जा रहे थे। तभी रविवार को ट्रेन इटारसी स्टेशन पर करीब १० मिनीट के लिए रूकी। इसी बीच मजदूरों ने खाने और पानी की ट्रे को देखकर उत्पाद मचा दी। वीडियों में सैकड़ो की संख्या में श्रमिक खाना व पानी लूटते नजर आए। किसी ने तो एक दूसरे के हाथों से तक ब्रेड के पैकेट लूटे। यात्री इतने आक्रामक थे कि रेल कर्मियोंं ने खुद अपने आप को वहां से हटाकर सुरक्षित किया।
सुबह करीब 7 बजे पहुंची ट्रेन
रेलवे स्टेशन पर श्रमिक एक्सप्रेस टे्रन रविवार सुबह करीब 7 बजे पहुंची। श्रमिक एक्सप्रेस के यात्रियों ने प्लेटफार्म एक पर यात्रियों को नाश्ते के तौर पर देने के लिए आई ब्रेड को लूट लिया। इस दौरान वहां तैनात गार्ड ने उनको रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन मजदूरों ने किसी की नहीं सुनी और ट्राली पर रखे ब्रेड के पैकेट उठाकर भागे। इस दौरान यात्रियों के बीच आपस में भी ब्रेड के पैकेट को लेकर छीना छपटी हुई है। घटना का वीडियो जारी होने के बाद आखिरकार रेलवे के अधिकारियों ने माना कि घटना हुई है। मोबाइल के कैमरे में वहां तैनात वेंडर्स ने पूरी घटना कैद की और शाम को सोशल मीडिया पर यह वीडियो जारी हुआ है।
इसे देखकर दौड़े अन्य यात्री
ट्रेन रूकते ही करीब तीन बोगियों से यात्री खाने के पैकेट देखकर नीचे उतरे। वहां तैनात रेलवे कर्मचारियों और गार्ड ने सबको बोगियों में वापस जाने को कहा। करीब सौ यात्रियों से गार्ड की बात चल ही रही थी कि दूसरी बोगी से एक यात्री दौड़ता हुआ आया और एक पैकेट उठाकर भागने लगा। बस उसके पैकेट उठाते ही सैकड़ो यात्रियों ने पैकेट उठाकर भागना शुरु कर दिया। महज दो मिनट में ट्राली को खाली कर दिया। इसके बाद अन्य जगह से पानी की बोतलें, केले और अन्य सामग्री भी लेकर भागे हैं।
ऊपर चढ़ रहे थे यात्री
ट्रेन के यात्रियों पर किसी समझाईश का कोई असर नहीं हो रहा था। वे गार्ड और रेल कर्मचारियों के अलावा जीआरपी-आरपीएफ के जवानों पर चढ़े जा रहे थे। उनके इस रूप को देखकर आखिरकार जब लूटपाट प्रारंभ हो गयी तो रेलकर्मियों और सुरक्षा कर्मियों को पीछे हटना पड़ा। दरअसल, जिस संख्या में ट्रेनें आ रही हैं, उसके मुताबिक यहां फोर्स कम पड़ रही है। जीआरपी के जवान काफी कम संख्या में है तो आरपीएफ के पास भी उतना बल नहीं है। ऐसे में इस तरह की अप्रत्याशित घटना को रोकना मुश्किल हो जाता है। एक तो कोरोना का डर, दूसरा अचानक भीड़ के हमलावर होने का खतरा।
इनका कहना है...
हम घटना के विषय में पता कर रहे हैं, घटना तो इटारसी रेलवे स्टेशन की ही है। लेकिन, हमारे पास बल की कमी भी है और ट्रेनें भी बड़ी संख्या में आ रही हैं। ऐसे में बल की कमी महसूस हो रही है।
देवेन्द्र सिंह, इंस्पेक्टर आरपीएफ
Updated on:
25 May 2020, 10:12 PM IST
Published on:
25 May 2020, 9:51 PM IST
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