सफाई पर हर साल 50 लाख खर्च
होशंगाबाद. इटारसी व होशंगाबाद स्टेशन साफ और स्वच्छ रखने पर ही रेलवे हर साल ५० लाख खर्च कर रहा है। बावजूद कहीं पान की पीक मिलती है तो कहीं गंदगी। अब लोगों को जागरूक करने के लिए रेलवे हिट हिन्दी फिल्मों के मशहूर डायलॉग का सहारा ले रही है। उनके डॉयलाग में आंशिक परिवर्तन कर उन्हें स्टेशन की दीवारों पर लिखवाया जा रहा है, ताकि लोग उनसे सीखकर गंदगी करना छोड़ दें। गुटखा-पान खाकर थूकने, धुम्रपान करने सहित अन्य हिदायतें देते पोस्टर रेलवे स्टेशन परिसर में लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस तरह का प्रयोग पहले मध्य रेलवे के भुसावल, खंडवा और पश्चिम रेलवे के रतलाम स्टेशनों में किया जा चुका है।
सफाई पर हर साल 50 लाख खर्च - इटारसी और होशंगाबाद स्टेशन की सफाई पर हर साल रेलवे पचास लाख रुपए खर्च कर रही है, बावजूद इसके जगह-जगह गंदगी और पान-गुटखा के पीक के निशान नजर आते हैं। होशंगाबाद रेलवे स्टेशन प्रबंधक एचके तिवारी ने बताया कि सफाई पर हर साल लगभग १५ लाख रुपए खर्च होता है। इटारसी स्टेशन के एसएसई एचएस तिवारी बताते हैं कि प्लेटफार्म, पिट और ट्रेनों में सफाई पर लगभग ३५ लाख रुपए प्रतिवर्ष खर्च होता है।
चर्चित डायलॉग का ऐसे प्रयोग कर रहा रेलवे
फिल्म दीवार : मेरे पास रेलगाड़ी है, रिजर्व टिकट है, तेरे पास क्या है? मेरे मुंह में पान है...। दीवार पर मत थूकना, वरना ५०० रुपए जुर्माना लगेगा।
फिल्म शोले : अरे ओ सांभा, कितना जुर्माना रखे है सरकार गंदगी फैलाने पर। ५०० रुपए....पूरे ५००
फिल्म आनंद : बाबू मोसाय...कल, कौन, कहां कूड़ा गिरायेगा, यह कोई नहीं बता सकता।
फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे : जा सिमरन जा, प्लेटफार्म भी साफ रखते हुए जा और बड़े-बड़े देशों में लोग स्टेशन पर गंदगी नहीं फैलाया करते।
इनका कहना है
वर्ष २०१७ में रेल परिसर में धुम्रपान, गंदगी करने वाले २ हजार २०० लोगों से ४ लाख ४० हजार रुपए जुर्माना वसूला गया।
एसपी सिंह, इंसपेक्टर आरपीएफ
फिल्मी पोस्टर और उस पर लिखे चर्चित डायलॉग लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं। इसलिए यह प्रयोग हो रहा है। अन्य डिवीजनों में प्रयोग सफल रहे हैं।
आईए सिद्दीकी, पीआरओ भोपाल