
आप घरों में सुरक्षित रहें इसलिए बहुत सारे लोग अपने अपनों को छोड़ आपके लिए खुद जोखिम उठा रहे हैं। समाज, देश को इस महामारी से बचाने में जी जान से लगे उन तमाम लोगों में नारी शक्ति का भी बहुत बड़ा योगदान है। आज जानकारी एक ऐसी मां की जो कोरोना की जंग में अपना शत प्रतिशत देने के लिए बच्चों को गांव छोड़ आई हैं। निर्मला राजकरण राजपूत कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के दौरान लाॅकडाउन (Lockdown) होने के बाद लगातार अपनी ड्यूटी पिपरिया सरकारी अस्पताल (Pipariya Government Hospital) में कर रहीं। एक सूचना पर वह जोखिम ले संबंधित परिवार या व्यक्ति के पास टीम संग पहुंच रहीं, उसे मेडिकल सेवा उपलब्ध करवा रहीं।
दरअसल, कोरोना से जंग में अग्रणी भूमिका निभा रहीं स्वास्थ्य सेनानी निर्मला रामकरण राजपूत एएनएम पद पर पिपरिया क्षेत्र में तैनात हैं। ढाडिया पारवाडा की रहने वाली निर्मला को बीते दिनों लाॅकडाउन के दौरान कोरोना महामारी के रोकथाम के लिए गठित स्वास्थ्य टीम में रखा गया है। निर्मला ड्यूटी को राजी हो गई लेकिन उनको पता चला कि उनकी ड्यूटी जोखिम वाला है और वह बच्चों के पास रहीं तो यह खतरनाक हो सकता है। ऐसे में निर्मला ने निर्णय लिया कि वह बच्चों को गांव छोड़ आएगी। वहां ससुराल के लोग उनकी देखभाल करेंगे और वह समाज के लिए अपना अधिक से अधिक इस महामारी में देगी।
By: Shakeel Niyazi