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अतिथि देवो भव: … सतपुड़ा की रानी का चला जादू, कमाए चार करोड़

पचमढ़ी की तरफ आकर्षित हो रहे हैं देशी-विदेशी पर्यटक, लगातार बढ़ रही संख्या, पचास लाख से आमदानी बढ़कर करोड़ों में पहुंची

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Satpura Ki Rani Pachmarhi Latest News in Hindi

Satpura Ki Rani Pachmarhi Latest News in Hindi

पूनम सोनी, होशंगाबाद । सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी का जादू देशी और विदेशी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। आठ साल पहले इस तरफ पर्यटकों का कम ही रूझान था, फलस्वरूप आय भी कम होती थी। लेकिन बीते आठ सालों में पचमढ़ी, मढ़ई और चूरना से ही सरकार की आमदानी पचास लाख से बढ़कर चार करोड़ पहुंच गई है। लगातार पर्यटकों का रूझान खासकर पचमढ़ी और मढ़ई की ओर बढ़ रहा है। एसटीआर के आकंड़े बताते हैं कि इस साल विदेशी पर्यटकों की संख्या में डेढ़ हजार की कमी आई है। लेकिन फिर भी पिछले कई सालों में लगातार इसमें इजाफा हो रहा है। खासकर पचमढ़ी सबका पंसदीदा पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। यह सरकारी आय का एक नया जरिया बनकर उभरा है। यहां आठ साल पहले पर्यटन से शासन को एक साल में पचास लाख रुपए राजस्व मिलता था, जो अब बढ़कर चार करोड़ सालाना पहुंच गया है। खास बात यह है कि देशी पर्यटकों का इस तरफ तेजी से रूझान बढ़ा है।

पचमढ़ी में आए सबसे ज्यादा पर्यटक
पचमढ़ी की गुलाबी ठंड और हरीभरी वादियों एवं प्रकृतिक सौंदर्य के आगे पर्यटक खिंचे चले आते हैं। एक बार आने के बाद यहां दोबारा जरूर लोग आते हैं। हालात यह हैं कि सीजन पर एक भी होटल का कमरा खाली नहीं रहता। ऑन लाइन बुकिंक की सुविधा के चलते लोग पहले से बुक कराकर रखते हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने हर साल शासन यहां पचमढ़ी उत्सव भी मनाती है। दिसंबर में पूरी पचमढ़ी फुल रहती है।

सरकारी खजाने में बढ़ोत्तरी
वर्ष पर्यटक स्थल देशी पर्यटक से आय विदेशी पर्यटक से आय
२०१२-१३ पचमढ़ी ९६४५१०० १०७३००
मढई ३८७४८५० २२२४२५०
चूरना १४७८७५ ०
२०१३-१४ पचमढ़ी १३२८२११० ४४४५१०
मढ़ई ६२१९७१० २९५२६००
चूरना ३२०५४० ०
२०१४-१५ पचमढ़ी २१५९६२३४ ९९८००
मढ़ई ३७५७८०० २९१८४००
चूरना १८३२०० ०
२०१५-१६ पचमढ़ी २६०३५२६५ अप्राप्त
मढ़ई १११८२२४० अप्राप्त
चूरना ३७२५८० अप्राप्त

पर्यटकों में दिखा उत्साह

प्राइवेट वाहनों की संख्या बढ़ी
चूरना मे जिप्सी नही होने से वहां प्राइवेट वाहनों का प्रवेश किया जा रहा है। वन विभाग की सफारी गाड़ीयों का किराया १५०० और प्राइवेट गाड़ीयों का किराया ३ हजार तक हैं।

पर्यटकों की पहली पसंद पर्यटक स्थल होती है। वही दूसरी तरफ आए दिन टाईगर की खबरे पढऩे से पर्यटकों का रूझान बढ़ रहा है। लोग टाईगर देखने के उत्साह में ज्यादा आना पसंद कर रहे हैं। वैसे हर साल ही पर्यटक यहां आते है, पर कई वर्षो में इस वर्ष पर्यटकों में उत्साह ज्यादा दिखाया हैं।
एके मिश्रा, एसटीआर सयुंक्त संचालक

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