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कांग्रेस का आरोप इन्होंने किया सरकारी जमीनों पर कब्जा

प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल की प्रेस कांफ्रेंस

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भोपाल. होशंगाबाद। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए है। आरोप लगाया कि शर्मा और उनके परिजनों ने रसूख के दम पर होशंगाबाद की कई सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर रखा है। प्रदेश के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराए। इसमें सरकारी स्कूल और खेल मैदान भी शामिल हैं। यहां उन्होंने दुकानें बना रखी है।
अग्रवाल ने कहा है कि स्पीकर झूठ बोल रहे हैं कि यह अतिक्रमण नहीं है। आज भी स्कूल और दुकानों की जमीन सरकारी रिकार्ड में नजूल भूमि दर्ज है। उन्होंने नजूल रिकार्ड का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में भी तत्कालीन कलेक्टर आशीष उपाध्याय ने 29 जनवरी 2003 को मुख्यमंत्री के सचिव को सूचना दी थी कि राजस्व रिकार्ड में नजूल की शीट नंबर 43 में प्लाट नंबर 15/3 'खेल का मैदान नजूलÓ दर्ज है। इसका रकबा एक लाख 88 हजार 100 वर्गफुट है। यह जमीन एसएनजी स्कूल से लगी होने के कारण इसे एसएनजी स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। कलेक्टर ने लिखा था कि यहां स्टेडियम के निर्माण के लिये नर्मदा शिक्षा समिति (एनईएस) को कार्य एजेंसी बनाया गया था। समिति होशंगाबाद में विद्यालय चलाती है और कलेक्टर इसके पदेन अध्यक्ष हैं।

मानक अग्रवाल ने बताया कि सन 1929 की नजूल शीट क्रमांक 43 मेें प्लाट क्रमांक 15/1 रकबा 2 लाख 47 हजार 500 वर्गफुट हिन्दी स्कूल म्युनिस्पल के नाम से दर्ज था। इसी शीट में प्लाट क्रमंाक 15/2 एक लाख 36 हजार 776 वर्गफुट एवीएम स्कूल के नाम से दर्ज था। सरकार ने यह जमीन 1949 में नर्मदा एजुकेशन सोसायटी होशंगाबाद को दे दी। बाद में सन् 1955-56 में प्लाट क्रमांक 15/1 रकबा 2 लाख 47 हजार 500 वर्गफीट में से हिस्सा कर प्लाट क्रमांक 15/3 बनाया गया। इसका रकबा 1 लाख 88 हजार 100 वर्गफुट है। इस जमीन को सरकार ने नर्मदा एजुकेशन सोसायटी द्वारा संचालित न्यू इंग्लिश हाई स्कूल होशंगाबाद को दीा। इसके बाद शासन ने 18 मई 1960 को यह जमीन पुन: वापस लेकर नजूल में दर्ज कर ली। अब शासन 1949 में जो प्लाट नंबर 15/2 रकबा 1 लाख 36 हजार 778 वर्गफुट नर्मदा एजुकेशन सोसायटी को दिया था, उसे भी सन 72-73 में नियमों का उल्लंघन करने के कारण वापस ले लिया जो आज की तारीख तक शासन के कब्जे में है।
मानक अग्रवाल ने बताया कि इस तरह 15/1, 15/2 और 15/3 तीनों रकबे नजूल के हैं। शासन की इस जमीन में से 15/1 के 32 हजार वर्गफुट पर अतिक्रमण कर भवन बनाकर पंडित रामलाल शर्मा स्कूल संचालित किया जा रहा है। इस पर तीन मंजिला भवन बनाया गया है, यह अवैध है। नर्मदा एजुकेशन सोसायटी का उपयोग निजी हितों के लिए किया गया है। यहां 70 दुकानें बनाकर किराए पर दी गई हैं।

स्पीकर ने कहा आरोप निराधार
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इसके पहले भी यह आरोप लगाए गए थे। जमीनें नियमों के तहत खरीदी गई, इसकी रजिस्ट्री भी हैं। जांच में आरोप गलत साबित हो चुके हैं। अब मानक अग्रवाल फिर वही आरोप दोहरा रहे हें।

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