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Ayodhya Ram Mandir: पत्थरों से बनेगा रामलला का मंदिर, तांबे की प्लेटों से लगेंगे जोड़

विहिप के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने बताया राम मंदिर निर्माण में सीमेंट और लोहे का उपयोग नहीं होगा, आज होगा इसका अनावरण

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Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir

होशंगाबाद। अयोध्या में राम मंदिर का स्वरूप का संभावित मॉडल रविवार को प्रयागराज में जारी होगा। यह बात विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने होशंगाबाद में शनिवार को मध्यप्रांत के शिविर में कही। उन्होंने बताया कि रामलला का मंदिर पत्थरों से बनाया जाएगा। इसके जोड़ तांबे की प्लेट से जुड़ेंगे। इस प्रकार मंदिर हजार सालों तक सुरक्षित रहेगा। उन्होंने बताया कि रामलला का दो मंजिला मंदिर 270 फीट लंबा और 135 फीट चौड़ा, करीब 141 फीट ऊंचा रहेगा। इसके साथ उन्होंने बताया कि इसके बाद काशी और मथुरा का भी नंबर आएगा। प्रयागराज में लगे माघ मेला के शिविर में रामलला के मंदिर का मॉडल विहिप के शिविर में तैयार किया जा रहा है। उसे आम लोगों के लिए आज से खोल दिया जाएगा। इसका अनावरण विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय करने जा रहे हैं।

ढाई साल में पूरा होगा निर्माण
चंपत राय ने बताया कि इसमें मोदी सरकार में मंदिर आदंोलन से जुड़े लोग शामिल होंगे। साथ ही रामलला मंदिर का निर्माण ढ़ाई साल में पूरा होगा इसको बनाने के लिए सीमेंट व लोहे का उपयोग नहीं किया जाएगा। सरदार बल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ का मंदिर बनवाकर 12वीं सदी के हिस्टोरिकल रांग को अनडू किया है। वहीं अब 16 वीं सदी के बिगड़े इतिहास को ठीक किया गया है।

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