5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

केंद्राध्यक्ष परीक्षा के दौरान नहीं रख सकेंगे अब मोबाइल

एसएनजी स्कूल में संभावित केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों को सोमवार को सौंपी जिम्मेदारी
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

होशंगाबाद

•

image

Manoj Awasthi

•

Updated: 25 Feb 2020, 5:02 AM IST

केंद्राध्यक्ष परीक्षा के दौरान नहीं रख सकेंगे अब मोबाइल

केंद्राध्यक्ष परीक्षा के दौरान नहीं रख सकेंगे अब मोबाइल

होशंगाबाद. विद्यार्थी, परीक्षार्थी और केंद्राध्यक्ष सभी समय पर केंद्र पर उपस्थित हों। दूर-दराज के केंद्र हैं जहां थाने से दूरी अधिक है वह थोड़ा जल्दी जाएं, जिससे समय से परीक्षा संपन्न कराई जा सके। यह निर्देश अपर कलेक्टर केडी त्रिपाठी ने शासकीय एसएनजी स्कूल में सोमवार को शिक्षा अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में हाई और हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षाओं के लिए संभावित केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों को उनकी जिम्मेदारी सौंपी गई।

त्रिपाठी ने कहा कि परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। संवेदनशीन एवं अतिसंवेदनशीन परीक्षा केन्द्रों में सतर्कता से परीक्षा संचालन करने के भी निर्देश दिए। परीक्षा संचालन के दौरान कोई भी अवांछनीय व्यक्ति परीक्षा केन्द्र में न हो यह सुनिश्चित कराएं। परीक्षा संचालन के संबंध में बिजली-पानी, पंखे, फस्ट एड बॉक्स रखने सहित परीक्षा केंद्र में अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चत करने का भी कहा। बैठक में जिला शिक्षाधिकारी रवि सिंह बघेल, एडपीसी राजेश गुप्ता, जिला और ब्लॉक स्तर की फ्लाइंग स्कॉड के सदस्य, बीइओ, केंद्राध्यक्षों और सहायक केंद्राध्यक्षों आदि उपस्थित रहे।

जमा होंगे मोबाइल

इस बार परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन पर पूरी तरह रोक रहेगी। बच्चों और पर्यवेक्षक पर तो पहले से ही मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध है, लेकिन इस बार केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्रध्यक्ष भी अपने पास मोबाइल नहीं रख सकेंगे। प्रशासन से इसके स्पष्ट निर्देश हैं। यदि कोई मोबाइल लेकर पहुंचा भी तो उसका मोबाइल जमा करवा लिया जाएगा।

ढाई घंटे लेट पहुंचे अधिकारी

बैठक में केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष सहित अन्य कुछ अधिकारी समय पर सुबह करीब ११.३० पर पहुंच बजे वहीं टीएल बैठक के चलते अपर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी ढाई घंटे की देते से पहुंचे। कर्मचारी यह कहते रहे कि जब अधिकारियों को पता था तो बैठक का समय बढ़ा देना था।