बोलने-सुनने लगी तीन साल की गरिमा
इटारसी। मालवीयगंज निवासी तीन साल की गरिमा बचपन से ही सुन और बोल नहीं पाती थी। भोपाल के डॉक्टरो से चेकअप कराने पर पता चला कि उसका कान का ऑपरेशन कराना पड़ेगा। ऑपरेशन का खर्च लाखों में था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने से परिवार ऑपरेशन नहीं करा सकता था। लेकिन उसके पिता सूरज सैनी ने हार नहीं मानी और शासन की योजना के तहत उसका ऑपरेशन कराया। अब गरिमा धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। वह शब्द पकड़कर सुनने लगी है और उनके जवाब में बोलने लगी है। जन्म के बाद गरिमा बड़ी तो हो रही थी लेकिन एक डेढ़ साल के बाद भी उसके बोलने और सुनने की क्षमता विकसित नहीं हुई थी। घर की लाड़ली गरिमा की इस बीमारी ने पूरे घर को सदमे में डाल दिया था। डॉक्टरो ने बताया कि गरिमा के कान में कॉकलिया की परत पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है, जो आपरेशन से ही ठीक हो पाएगी। काफी प्रयासों के बाद नवंबर 2017 में तकनीकी समिति ने गरिमा का चयन मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए किया और दिसंबर 2017 में दिव्य एडवांस्ड ईएनटी क्लीनिक भोपाल में डॉ. एसपी दुबे द्वारा गरिमा का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन में लगभग 6-7 लाख रुपए का खर्च आया जिसका वहन शासन द्वारा किया गया। वर्तमान में गरिमा की स्पीच थैरेपी चल रही है तथा अब वह सुनने लगी है एवं नये शब्द सीखकर बोलने भी लगी है।
अब सुनने-बोलने लगे हैं जिले के 13 बच्चे
होशंगाबाद. कभी जन्मजात विकार के कारण तो कभी किसी अन्य कारणवश कई बच्चे बचपन में ही अपने सुनने की क्षमता खो बैठते हैं। मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से जिले के ऐसे 13 बच्चों की कॉकलियर इप्लांट सर्जरी की गई, जिससे अब वे सुनने और बोलने लगे हैं।
शासन खर्च पर इन बच्चों को मिली मदद
सीएमएचओ कार्यालय ने बताया कि वर्ष 2017-18 में जिले के 13 बच्चों की कॉकलियर इप्लांट सर्जरी मुयमंत्री बाल श्रवण योजना के अंतर्गत विभिन्न निजी अस्पतालों में की गई। इस प्रकार की हर सर्जरी में लगभग 6-7 लाख रूपए का खर्च आता है जिसका वहन पूर्णत: शासन द्वारा किया गया है। इस योजना में उपचार के बाद ग्राम बाचावानी बनखेडी निवासी लक्ष्मी, इटारसी निवासी लक्ष्य पटेल, नानूपुरा केसला निवासी अजय, बनखेड़ी निवासी अर्पित पटेल, होशंगाबाद निवासी वेद सूर्यवंशी, राजगुरू यादव, अक्ष चौरे एवं ऋषभ पटेल, सोहागपुर निवासी सृष्टि रघुवंशी, रजाला पिपरिया निवासी दीपा अहिरवार, इटारसी निवासी गरिमा सैनी, बाबईखुर्द निवासी रितेश धुर्वे एवं ग्राम जामुनडोल केसला निवासी तानी पवार लाभान्वित हुए।