
milk
होशंगाबाद. यदि आप खुला दूध खरीदते हैं तो सावधान जरा ध्यान दें। इसके उपयोग से कम उम्र के बच्चों को पाचन तंत्र में गड़बड़ी और फूड पॉयजनिंग हो सकती है। जी हां, दरअसल खुले दूध में सबसे अधिक मिटावट पाई जाती है। इसलिए सावधान रहें। हलांकि आप घर बैठे ही अपने यहां आने वाले दूध की जांच कर सकती हैं कि इसमें मिलावट है कि नहीं। बीते तीन साल में खाद्य विभाग ने दूध के नमूने लिए तो जांच में खुला बिक रहे दूध में ही मिलावट मिली। शहर में प्रतिदिन ३१००० लीटर दूध पहुंचता है, इसमें खुला १७५०० लीटर है।
जिला खाद्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन साल में छह सौ से अधिक लोगों पर मिलावटी दूध बेचने पर कार्रवाई की गई। इसमें डिटजैंट, यूरिया, कॉस्टिक सोडा और पानी की मिलावट सर्वाधिक मात्रा में की जाती है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। खुला दूध बेचने वाले दूध का फेट निकाल लेते हैं। उसमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है। मिलावटी दूध से सर्वाधिक प्रभाव बच्चों की सेहत पर पड़ता है।
इस तरह करें दूध में मिलावट की जांच
पानी: एक प्लेट या ढलान वाली सतह पर दूध की एक बूंद डालें। शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे सफेद लकीर छोड़ते हुए नीचे आ जाएंगी, जबकि पानी की मिलवाट वाली बूंद बिना कोई निशान छोड़ें बह जाएंगी।
यूरिया: एक चम्मच दूध को टेस्ट ट्यूब में डालें। उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर का पाउडर डालें। अच्छी तरह से मिला लें। पांच मिनट बाद, एक लाल लिटमस पेपर डालें, आधे मिनट बाद अगर रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया है।
डिटर्जेंट: 5 से 10 एमएल दूध को उतने ही पानी में मिला के हिलाएं। अगर झाग बनते हैं तो समझिए इसमें डिटर्जेंट है।
सिन्थेटिक दूध: सिन्थेटिक दूध का स्वाद कड़वा होता है, उंगलियों के बीच रगडऩे से साबुन जैसा लगता है और गर्म करने पर पीला हो जाता है।
सिन्थेटिक दूध में प्रोटीन की मात्रा है या नहीं, इसकी जांच दवा की दुकान पर मिलने वाली यूरीज स्ट्रिप से की जा सकती है। इसके साथ मिली रंगों की सूची दूध में यूरिया की मात्रा बता देगी।
कम उम्र के बच्चे मिलावट वाला डिटर्जेट दूध पीते हैं तो उनके पाचन तंत्र मे गड़बड़ी और फूड पॉयजनिंग हो सकती है। उच्च एल्केलाइन से शरीर के तंतु क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। इनके आर्गन, लीवर काम करना बंद कर देगा। सबसे खास बात बच्चों का बजन बढ़ाने के लिए इन्हे दूध पिलाया जाता है, लेकिन अगर दूध में पानी की मात्रा अधिक होगी तो वजन नहीं बढ़ेगा।
डॉ. सुनील गौर,
शिशु रोग विशेषज्ञ
पिछले तीन सालों में लगभग ६०० से अधिक कार्यवाही कर चुके हैं। सबसे ज्यादा खुले दूध में मिलावट मिली, कहीं तो पानी की मात्रा, क्रीम या फिर यूरिया की मात्रा मिली। खुले वाले दूध से ज्यादा पौष्टिक पैकेट वाला दूध होता है। क्योंकि उसे डेयरी वाले चेक कर लेते हैं और उसे गर्म कर बैक्टीरिया की मात्रा को खत्म कर दिया जाता है। इसलिए पैकेट वाला दूध ज्यादा किफायती होता है।
शिवराज पावक,
खाद्य एवं औषधि विभाग
Published on:
01 Jun 2018 11:59 am

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