
भारत में सबसे ज्यादा प्री मैच्योर डिलीवरी, 2020 में 30 लाख बच्चों का समय से पहले हुआ जन्म
नई दिल्ली. दुनिया में समय से पूर्व जन्म (प्री मैच्योर डिलीवरी) के मामले सबसे ज्यादा भारत में होते हैं। लैंसेंट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 2020 में करीब 30 लाख बच्चों का समय से पहले जन्म हुआ। यह दुनिया में समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों का 20 फीसदी से अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस मामले में भारत के बाद पाकिस्तान, नाइजीरिया, चीन, इथोपिया, बांग्लादेश, कांगो और अमरीका का स्थान है। भारत में 2010 में यह आंकड़ा 35 लाख था। एक दशक बाद इसमें मामूली गिरावट आई है। वैश्विक स्तर पर भी समय पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में विशेष गिरावट नहीं आई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय से पहले जन्म को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता, क्योंकि हर मामले में अलग-अलग कारण होते हैं। हालांकि सामान्य कारणों में मां की लंबे समय की बीमारी, जुड़वां बच्चे और सर्विकल समस्याएं शामिल हैं।
उम्मीद की किरण
करीब 13 देशों में समय पूर्व जन्म लेने के मामलों में 0.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। इनमें ऑस्ट्रिया, ब्राजील, ब्रूनेई, डेनमार्क, जर्मनी, हंगरी, लातविया, नीदरलैंड्स, सिंगापुर, स्पेन, स्वीडन और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
मृत्यु का कारण
गर्भधारण के 37 सप्ताह से कम समय में जन्म होना प्री मैच्योर डिलीवरी कहलाता है। दुनिया में समय से पहले जन्म बच्चों (पांच साल से कम आयु) का प्रमुख कारण है।
Published on:
07 Oct 2023 01:45 am
बड़ी खबरें
View Allइंडियन रीजनल
रैसिपीज
ट्रेंडिंग
