रायगढ़। महाराष्ट पॉवर जनरेशन(महाजेंकों) को आवंटित कोल ब्लाक के प्रभावित ग्रामों में परिसंपत्ति की गणना के लिए होने वाले सर्वे को लेकर आयोजित बैठक को फिर से स्थगित किया गया है।
महाजेंकों के प्रभावित १४ गांव में तत्कालीन एसडीएम एके मार्बल के कार्यकाल में राजस्व अधिकारी व कर्मचारियों के मिलीभगत से प्रतिबंध के बाद भी खरीदी-बिक्री, डायवर्सन वअन्य कई तरीके का खेल हुआ है। वर्तमान में भी प्रभावित क्षेत्र में निर्माण कार्य जारी है, जिसको लेकर पूर्व में कई बार बात उठने पर जिला प्रशासन ने औपचारिकता निभाने मौखिक जांच का आदेश दिया जिसके आधार पर जांच शुरू तो हुई लेकिन बीच से गायब हो गई। अब इसमें राजस्व विभाग परसंपत्ति की गणना के लिए सर्वे कराने जद्दोजहद में लगी हुई है। प्रभावित क्षेत्र में अधिक मुआवजा राशि पाने के लालच में हुए खेल की जांच करने के बजाए पहले परिसंपत्ति की गणना करने की जल्दबाजी दिखाई जा रही है ताकि गणना होने के बाद इसमें जांच व कार्रवाई न करना पड़े। उक्त सर्वे का ग्रामीण भी विरोध कर रहे हैं। जिसके कारण पूर्व में एसडीएम ने बैठक ३० मई को आहुत किया था जिसमें सभी प्रभावित ग्राम के सरपंच-सचिव सहित कुछ प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन नियत तिथी में प्रभावित ग्राम के करीब २५० लोग तहसील कार्यालय पहुंच गए जिनके बैठने की व्यवस्था न होने का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद एसडीएम ने ९ मई को बैठक आहुत किया था, लेकिन इसके बाद फिर से एक जारी आदेश में उक्त तिथी को आयोजित बैठक को भी स्थगित कर दिया गया है।
बैठक में विरोध की संभावना
प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण उक्त क्षेत्र में कोल ब्लाक चाहते ही नहीं है, जिसके कारण हर ग्राम सभा के बैठक में कोल ब्लाक के विरोध में निर्णय लेते हुए प्रस्ताव पारित किया जाता है और प्रशासन को अवगत कराया गया है। इसके बाद भी प्रशासन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में लगी हुई है।
मुआवजा के लालच में किए खर्च डूब सकता है पानी
अधिक मुआवजा के लालच में प्रभावित क्षेत्र में प्रदेश के अलग-अलग कोने के लोगों ने भूमि क्रय किया है। न केवल भूमि क्रय किया गया है बल्कि आलिशान भवन भी बना दिया गया है। इसमें क्षेत्र के बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं का नाम भी सामने आ रहा है।
वर्सन
हां बैठक को स्थगित किया गया है। अपरिहार्य कारणों से स्थगित हुई है। आगामी तिथी की सूचना प्रभावित ग्रामों को दी जाएगी।
ऋषा ठाकुर, एसडीएम घरघोड़ा