रायगढ़। एक ओर जहां सीएम का सख्त निर्देश है कि अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई किया जाए तो वहीं दूसरी ओर जिले में अवैध प्लाटिंग के कार्य में संलग्न एक बड़े भूृ-स्वमी और पटवारी पर राजस्व विभाग की मेहरबानी दिख रही है। जिसके कारण अब तक न तो अवैध प्लाटिंग करने वाले पर कार्रवाई हुई है न ही इसको संरक्षण देने वाले क्षेत्र के पटवारियों पर कोई कार्रवाई हुई है।
जिला मुख्यालय से ग्राम अमलीभौना में दो खसरे में करीब २०० टूकड़े बिना कालोनाइजर एक्ट का पालन किए कर दिया गया है। इसमें कुछ लोग तो बड़े टुकड़ों में भूमि विक्रय किए हैं तो हलधर चौधरी अपने व रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज भूमि को कई टुकड़ों में विक्रय करते हुए पूरा कालोनी खड़ा कर दिया गया है। इस अमलीभौना में प्रशासन को दिखाने के लिए टियांस रेसिडेंस के नाम से कालोनी एपु्रव कराया गया है लेकिन इससे बाहर की भूमि को टुकड़ों में विक्रय किया जा चुका है। इतना ही नहीं वर्तमान में इस अवैध कालोनी से लगे एक अन्य भूमि में फिर से अवैध प्लाटिं के लिए सडक़ बनाकर रखा गया है। इस मामले में एसडीएम गगन शर्मा के आदेश पर नायब तहसीलदार प्रकाश पटेल ने जांच टीम तो गठित किया है, लेकिन संबंधितों पर किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है।
बिक्री नकल तक पर नहीं लगी प्रतिबंध
खसरा नंबर २३९ व २४१ में करीब २ सौ टुकड़े हो गए हैं लेकिन अब तक इस खसरे नंबर की भूमि में और टुकड़ा न हो इसके लिए बिक्री नकल पर प्रतिबंध तक नहीं लगाया गया है जिसके कारण संबंधित भू-स्वामी फिर से नए अवैध प्लटिंग की तैयारी में लग गया है।
इन दोनो अवैध प्लाटिंग की भी हुई शिकायत
लिखीत रूप से पूर्व में कलेक्टर से हुई शिकायत में हलधर चौधरी द्वारा गोपालपुर और घरघोड़ा में भी अवैध प्लाटिंग की शिकायत मय दस्तावेज के साथ की गई है। इन दोनो मामलों में भी अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है।
जांच का दे रहे हवाला
संबंधित अधिकारियों से जब इस मामले को लेकर चर्चा की गई तो पटवारी व आरआई की टीम द्वारा जांच रिपोर्ट पेश न किए जाने का हवाला दिया जा रहा है। हांलाकि इन मामलों में जांच जारी रहने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसे मामलों में इतने दिनों तक जांच लोगों के समझ से परे है।