करंसी के लिए इमरजेंसी जैसे हालात बनने के कारण बैंक खुलने के 1 घंटे पहले लोग बैंकों के बाहर एकत्र हो गए और मनी एक्सचेंज के लिए रिक्वेस्ट स्लिप भी भर लीं। 50-50 लोगों की भीड़ को अधिकांश बैंक के बाहर ही रोक दिया गया और 10-15 लोगों को बैंक के अंदर भेजा गया। जब उनकी बैंकिंग प्रक्रिया पूरी होती और वे बाहर निकलते। तब अन्य इतने ही लोगों को अंदर भेजा जाता। दोपहर करीब 11 बजे स्टेट बैंक का सर्वर डाउन होने के कारण नोट जमा करने वालों को कुछ सुविधा हुई। कुछ बैंकों में लोगों को यह कहकर लौटा दिया कि उनका खाता जिस बैंक शाखा में हो। मनी एक्सचेंज भी वहीं से करें। मनी एक्सचेंज में ज्यादातर लोगों को 20 और 100 के नोट ही दिए गए। आवश्यकतानुसार 10 व 50 के नोट भी दिए गए। विभिन्न बैंक के अफसरों ने बताया, उनके यहां 100 की दो से तीन गड्डियां बची हैं। बैंकिंग बोर्ड से जितनी भी राशि भेजी गई थी। अधिकांशत: मनी एक्सचेंज में चली गई है। लोगों की भीड़ को देखते हुए और 10, 20, 50 व 100 का कैश भी बैंकों में देर रात भेज दिया गया।