कमिश्नर और कलेक्टर अब होंगे ट्रस्ट के सदस्य शासन ने दी अनुमति : ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन होते ही शासन सौंप देगा जमीन
इंदौर। लोकमाता अहिल्या का इंदौर में भव्य स्मारक बनाने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने कमिश्नर और कलेक्टर को स्मारक संचालन के लिए बनाई जाने वाले ट्रस्ट में सदस्य बनाने की अनुमति दे दी है। उसके साथ अब रजिस्ट्रेशन की तैयारी शुरू हो गई है। जैसे ही ट्रस्ट घोषित होता है वैसे ही प्रशासन जमीन का आवंटन कर देगा जिसको लेकर सारी तैयारियां कर दी गई हैं।
देशभर में इंदौर का नाम करने वाली लोकमाता अहिल्या के जीवन पर आधारित एक स्मारक बनाने की कई वर्षों से मांग चल रही थी। वरिष्ठ भाजपा नेता सुमित्रा महाजन लगातार प्रयास कर रही थीं जिनकी मेहनत अब रंग लाती हुई नजर आ रही है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा के बाद में लालबाग पैलेस के पीछे बनी रामपुरा कोठी (पूर्व आरटीओ) और उसके आसपास की जमीन दिए जाने पर मंजूरी हो गई। बकायदा शासन को प्रस्ताव भेजा गया जहां से मुहर लग गई।
शासन के अनुमति के बावजूद जमीन का आवंटन नहीं कर पा रहा था क्योंकि स्मारक की सारी गतिविधियों का संचालन व रखरखाव के लिए शासन ने ट्रस्ट बना दिया। उसकी अध्यक्षता सुमित्रा महाजन करेंगी तो सांसद शंकर लालवानी, अशोक डागा, विनोद अग्रवाल, पुरुषोत्तम पसारी, मिलिंद महाजन व सुधीर देडग़े के अलावा संभागायुक्त व कलेक्टर को भी लिया गया। संभागायुक्त व कलेक्टर को लिए जाने की वजह से पेंच फंस गया, क्योंकि दोनों को किसी भी ट्रस्ट में शामिल करने के लिए शासन से अनुमति ली जाना चाहिए। इसका प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया था, लेकिन महिनों के बावजूद स्वीकृति नहीं मिली।
पिछले दिनों महाजन ने भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री चौहान से मुलाकात कर सारी बाधाओं को खत्म करने का कहा था। चौहान के निर्देश बाद अब दोनों को ट्रस्ट में लेने की अनुमति भी तुरत फुरत आ गई। इसके साथ ट्रस्ट बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। अब सिर्फ ट्रस्ट के नियम कानून तैयार करके रजिस्ट्रेशन का आवेदन किया जाना है। जैसे ही ट्रस्ट पर मुहर लगती है वैसे ही जिला प्रशासन जमीन का आवंटन कर देगा। इसको लेकर भी सारी तैयारियां की जा चुकी हैं।
चमन हो जाएगा केसर बाग रोड
रामपुरा भवन में बड़े-बड़े हॉल हैं तो दो तलघर भी हैं। भवन के दोनों ओर की जमीन भी ट्रस्ट को आवंटित की जाएगी। स्मारक तैयार होने के बाद लालबाग पैलेस के पीछे वाले रोड पर रेल रेस्टोरेंट भी आ रहा है जो लगभग बनकर तैयार है और जल्द ही उसका उद्घाटन भी होने वाला है। उसके पास में हस्तशिल्प निगम का हाट बाजार भी है।
देखा जाए तो केसर बाग रोड कुछ ही समय में चमन होने वाला है। महाकाल और ओंकारेश्वर दर्शन करने आने वालों के पास इंदौर घूमने की भी एक बड़ी जगह तैयार हो जाएगी। पर्यटक लालबाग पैलेस घूमने के साथ स्मारक भी घूम सकते हैं और रेल रेस्टोरेट में पहुंचकर अलग ही अनुभूति कर सकते हैं।