23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘कॉल गर्ल’ के झांसे में फंसे कॉलेज छात्र, वाट्सऐप पर फोटो देखकर गंवाए हजारों

MP News: नए साल की शुरुआत में साइबर ठगों ने कॉल गर्ल के नाम पर खतरनाक जाल बिछाया। फर्जी वेबसाइट, वाट्सऐप फोटो और क्यूआर भुगतान से कॉलेज छात्रों को निशाना बनाकर हजारों रुपये उड़ा लिए गए। पुलिस जांच जारी है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

इंदौर

•

image

Akash Dewani

•

Updated: 16 Jan 2026, 11:57 PM IST

call girl scam with college students fake escort service website cyber fraud mp news

call girl scam with college students in indore (फोटो- Patrika.com)

Call Girl Scam: नए साल में साइबर अपराधियों ने युवाओं को ठगने का नया तरीका अपनाया है। आरोपियों ने इंदौर एस्कॉर्ट सर्विस और कॉल गर्ल के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन ठगी का नेटवर्क खड़ा कर दिया। इस गिरोह ने खासतौर पर कॉलेज छात्रों को निशाना बनाया है। मामला सामने आने के बाद साइबर क्राइम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने जांच शुरू कर दी है।

जानकारी अनुसार, आरोपियों ने इंदौर के नाम से एस्कॉर्ट सर्विस की वेबसाइट (Fake Escort Service Website) बनाई थी, जो अब तक पुलिस की नजर से बची हुई थी। वेबसाइट पर सैकड़ों युवतियों की फोटो व प्रोफाइल अपलोड की गई थीं, साथ ही कॉल और वाट्सऐप नंबर दिए थे। वेबसाइट पर 'ऑन डिमांड कॉल गर्ल सर्विस' उपलब्ध कराने का दावा किया जाता था। (mp news)

युवतियों की फोटो भेजकर बनाया विश्वास

वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल करने पर एजेंट वाट्सऐप के जरिए करीब 30 युवतियों की फोटो भेजता था। फोटो पसंद करने के बाद ग्राहक से होटल पूछा जाता था और दावा किया जाता था कि युवती को उसी स्थान पर भेज दिया जाएगा।

10 ट्रांजेक्शन में ठगी रकम, खाते ब्लाक

एडिशनल डीसीपी क्राइम राजेश दंडोतिया ने बताया, छात्रों ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। छात्रों ने गूगल पर 'इंदौर एस्कॉर्ट सर्विस एंड कॉल गर्ल' सर्च किया था, जिसके बाद उन्हें वेबसाइट व नंबर मिला। वाट्सऐप पर फर्जी फोटो भेज 10 ट्रांजेक्शन में करीब 75 हजार रुपए ठग लिए। जिन खातों में राशि ट्रांसफर हुई थी, उन्हें ब्लॉक कर दिया है।

ऑनलाइन पेमेंट के बाद शुरू होती ठगी

फोन पर डील तय होने के बाद एजेंट कॉल गर्ल की सर्विस के लिए प्रति घंटे 3 से 6 हजार रुपए की दर तय करता था। इसके बाद क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन भुगतान करवाया जाता था। भुगतान होते ही अलग-अलग बहानों से बार-बार ट्रांजेक्शन करवाए जाते और अंततः संपर्क बंद कर दिया जाता था। (mp news)