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जंगल में कब्जा, वन विभाग ने कराई 15 हेक्टेयर जमीन मुक्त

जंगम में खेती की जमीन कर रहे थे तैयारवन विभाग ने चालाई जेसीबी, हटाया अतिक्रमण

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जंगल में कब्जा, वन विभाग ने कराई 15 हेक्टेयर जमीन मुक्त

इंदौर।

वन विभाग की जमीन पर हो रहे लगातार अतिक्रमण के खिलाफ अब विभाग ने सख्ती दिखाना शुरू कर दी है। हाल ही में मानपुर रेंज पर विभाग के अमले ने करीब 15 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराई है।


वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने मानपुर रेंज की बरखेड़ा बीट में ग्रामीणों को पट्टे दिए गए थे, लेकिन पट्टों के अलावा भी ग्रामीणों ने जंगल की जमीन कब्जा कर लिया था। ग्रामीण जमीन पर कब्जा कर उसे खेती के लिए तैयार कर रहे थे। वन विभाग ने कई बार ग्रामीणों को जमीन को कब्जा मुक्त किए जाने के निर्देश दिए, लेकिन उन्होंने अतिक्रमण हटाने के बजाए और बढ़ा लिए थे। जिस पर विभागीय अमले ने जेसीबी की मदद से कब्जे हटाकर जमीन मुक्त कराई। विभाग के अधिकारियों ने अनुसार ग्रामीण जमीन पर कब्जा करने के लिए जंगल को नुकसान पहुंचाते हैं, पेड़ काटने के साथ ही आग तक लगा देते हैं।

कार्रवाई के दौरान नहीं आया कोई सामने

मानपुर रेंजर पीएस चौहान ने बताया कि दलबल के साथ जेसीबी लेकर बरखेड़ा बीट के कक्ष क्रमांक 20 की करीब 15 हेक्टेयर जमीन ग्रामीणों के कब्जे से हाल ही में मुक्त कराई गई। इस दौरान देखा कि ग्रामीण जंगल की जमीन पर खेती की तैयारी कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान कोई भी सामने नहीं आया और जमीन पर जेसीबी चलाकर मुक्त कराया गया। साथ ही ग्रामीणों को जमीन पर अतिक्रमण नहीं करने के चेतावनी भी दी गई। उन्होंने बताया कि विभाग दो साल में इस तरह की एक दर्जन से अधिक कार्रवाई कर चुका है।

पट्टे भी बांटे, लेकिन कब्जा करना नहीं किया बंद

अधिकारियों के अनुसार 2012 के पहले से जंगली क्षेत्र में निवास कर रहे ग्रामीणों को शासन ने 2020 में पट्टे दिए थे। इसके पीछे यही उद्देश्य था कि ग्रामीण रोजगार के साधन बना सकें। इंदौर वन मंडल में महू और मानपुर रेंज के ग्रामीणों सबसे अधिक पट्टे दिए गए। पट्टे मिलने के बाद भी ग्रामीणजनों ने जंगल की जमीन पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया
था और वे जंगल की जमीन को खेती की जमीन में बदलना शुरू कर दिया था।