
बेशकीमती जमीन पर पार्षद ने कराया कब्जा
इंदौर। बंगाली चौराहे पर आइडीए की बेशकीमती जमीन पर पार्षद के संरक्षण में अवैध कब्जा हो गया। बंगाल से आए मूर्तिकारों ने अपना तंबू यहां पर तान दिया है। कब्जा होता देख पास की कॉलोनी के रहवासियों ने भी विरोध शुरू कर दिया तो आइडीए अफसर भी मौके पर पहुंच गए क्योंकि दो साल पहले उन्होंने बड़े ही संघर्ष से जमीन खाली कराई थी।
बंगाली चौराहे के कोने पर 15 से 20 मूर्तिकारों ने तंबू लगना शुरू कर दिया था। शुरुआत में तो आसपास के रहवासियों को लगा कि आइडीए अपनी 50 हजार वर्गफीट से ज्यादा की जमीन पर कुछ गतिविधि कर रहा है लेकिन जैसे ही लोगों का मालूम पड़ा कि हर साल कनाडिय़ा रोड पर जो मूर्ति बनाने की दुकाने लगती है वह लग रही है। मूर्तिकार वहां जमीन का तीन-तीन लाख रुपए किराया देते थे। ये सुनकर रहवासियों की पैरों तले जमीन खिसक गई।
पता लगाया कि कहीं आइडीए ने तो किराए पर नहीं दे दी लेकिन ये बात सुनकर अफसरों के भी होश उड़ गए क्योंकि दो साल पहले उन्होंने बड़े संघर्ष के बाद में जमीन खाली कराई थी। उस पर शांता बालेश्वर नामक महिला का कब्जा था। बात में पता चला कि मूर्तिवालों को पार्षद मुद्रा शास्त्री ने काबिज होने का कहा है। इस पर रहवासी नाराज हो गए।
उन्होंने निगम के अफसरों से भी शिकायत की। इधर आइडीए की टीम भी मौके पर पहुंची तो उन्हें भी ये ही बताया गया कि पार्षद शास्त्री ने पांडाल लगाने के लिए कहा है। इस पर उन्होंने पार्षद से भी बात की। पार्षद का कहना था कि दो माह के लिए जगह मांग रहे थे जिस पर मैंने उन्हें काबिज होने का बोल दिया था। मुझे नहीं मालूम था कि जमीन किसकी है।
संघ वालों के कहने पर किया था काबिज
मेरे पास संघ के बड़े अधिकारी का फोन आया था। उनके कहने पर मैंने उन्हें तंबू लगाने का बोल दिया ताकि रोजगार मिल सके। वे आर्थिक तौर पर मजबूत हो सकें। मुझे नहीं मालूम था कि जमीन आइडीए की है। गलत है तो हटा दें। मेरा कोई लेना-देना नहीं है और हटाते हैं तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है।
मुद्रा शास्त्री, पार्षद
Published on:
14 Jun 2023 11:39 am
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