
खुशखबरी- डेंटिस्ट भी एमबीबीएस की तरह कर सकेंगे इलाज
इंदौर. हमारे देश में जनसंख्या के मुकाबले डॉक्टर्स की कमी बड़ी समस्या है। प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की पहुंच नहीं है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार बीडीएस डॉक्टर्स को बेसिक ट्रेनिंग देकर नियुक्ति पर गंभीरता से विचार कर रही है। बीडीएस का शुरुआती तीन साल का कोर्स एमबीबीएस की तरह ही होता है।
यह बात स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने इंटरडिसिप्लिनरी ऑर्थोडॉटिक्स मिड इयर कन्वर्सेशन में कही। उन्होंने कहा, हमने सरकार के सामने बीडीएस डॉक्टर्स को बेसिक ट्रेनिंग देकर कम्युनिटी हेल्थ केयर सेक्टर में अपॉइंट करने और गांवों में भेजने का प्रस्ताव रखा है। ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी मनीष वर्मा ने बताया, इससे प्रदेश के ५ करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।
सस्ता होगा इलाज : पुणे से आए डॉ. शैलेष देशमुख ने कहा, डेंटिस्ट के गांवों तक नहीं पहुंचने का बड़ा कारण क्लीनिक सेटअप महंगा होना है। डेंटिस्ट की चेयर ही लाखों की होती है। डेंटिस्ट का सेटअप सस्ता करने के लिए हम भारत में ही बने उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। कार्यक्रम में विशेष रूप से आइडीए के नेशनल प्रेसीडेंट डॉ. दीपक माखीजानी, आइडीए एमपी स्टेट प्रेसीडेंट डॉ. आशीष गर्ग, सेक्रेटरी डॉ. मनीष वर्मा, इंदौर ब्रांच के चेयरमैन डॉ. प्रशांत मिश्रा और सेक्रेटरी डॉ. अमित भारद्वाज आदि मौजूद थे।
मंदसौर पीडि़ता का हाल जानने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री
मंदसौर की सात साल की दुष्कर्म पीडि़ता का हाल जानने शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रुस्तमसिंह एमवाय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों व बच्ची के पिता से चर्चा की। उन्होंने डॉक्टरों से बच्ची के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार की भी जानकारी ली। उन्होंने पिता को इलाज के साथ बच्ची के जीवन-यापन के लिए सरकार द्वारा पूरे इंतजाम करने का आश्वासन दिया। एमवाय अधीक्षक डॉ. वीएस पाल के कक्ष में मंत्री बच्ची के पिता और डॉक्टरों से मिले। डॉक्टरों के अनुसार एक-दो दिन में बच्ची को डिस्चार्ज किया जा सकता है।
Published on:
08 Jul 2018 11:42 am

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