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इंदौर. दिल्ली में रहने वाली महिला का स्कीम नं. 74 में करीब 2 करोड़ का प्लॉट है। आरोपियों ने आइडीए से प्लॉट की रजिस्ट्री की कॉपी हासिल की और उसे बेचने के लिए महिला का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया। प्लॉट का सौदा कर 10 लाख अग्रिम भी ले लिए। रजिस्ट्री करने जा रहे थे, लेकिन तभी मामले का खुलासा हो गया। एक महिला सहित चार आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा है।
क्राइम ब्रांच को पीडि़ता संगीता दवे पति चंद्रकांत दवे निवासी राजश्री अपोलो प्रेम नगर द्वारा शिकायत की गई कि मेरे नाम, पते का एक नया आधार कार्ड प्राप्त हुआ है, जिसमें फोटो किसी दूसरी महिला का है। इसकी जांच की जाए? एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक शिकायत की जांच के आधार पर टीम ने आरोपी लक्ष्मी ठाकुर पति सुरश ठाकुर निवासी संजय गांधी नगर, अजय उर्फ पिंटू पाल पिता भैय्या लाल निवासी कुलकर्णी का भट्ठा, गजेंद्र उर्फ गज्जू पिता सज्जन सिंह पंवार निवासी सूरज नगर खजराना और भीम सिंह यादव पिता बाबूलाल निवासी राम कृष्ण बाग कॉलोनी खजराना को गिरफ्तार किया। महिला का जो दूसरा आधार कार्ड बनकर आया था, उसमें फोटो लक्ष्मी ठाकुर का लगा था। लक्ष्मी ने अपने आधार कार्ड पर फरियादी का नाम व पता अपडेट करवा लिया था। अजय ने उस पर अपना मोबाइल नंबर अपडेट करवाया था।
एएसपी के मुताबिक सभी आरोपी प्रॉपर्टी एजेंट का काम करते हैं। महिला का स्कीम नं. 74 विजयनगर में प्लॉट है, जिसकी कीमत 2 करोड़ से ज्यादा है। महिला ज्यादा समय दिल्ली में रहती है। आरोपियों को उनके शहर के बाहर होने का पता चला तो प्लॉट के दस्तावेजों की प्रतिलिपि आइडीए से निकलवा ली। प्लॉट का सौदा किसी से करोड़ों में कर लिया। करीब 10 लाख रुपए उससे अग्रिम भी हासिल कर लिए। आरोपियों की साजिश थी कि प्लॉट की रजिस्ट्री के समय लक्ष्मी ठाकुर को संगीता दवे बनाकर रजिस्ट्रार के सामने खड़ा किया जाएगा। इसलिए लक्ष्मी के आधार कार्ड में नाम, पता व मोबाइल नंबर अपडेट करा दिया था। आधार कार्ड सीधा संगीता दवे के मकान पर पहुंच गया तो उनकी साजिश का खुलासा हो गया। आरोपियों का साथ देने वाले अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आशंका है कि आरोपी इस तरह का फर्जीवाड़ा पहले भी कर चुके हैं।
Published on:
16 Oct 2021 04:42 pm

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