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मजबूर होकर पति-पत्नी ने उठाया ऐसा कदम, होने लगी ताबड़तोड़ कार्रवाई

MP News : तापमान 41 डिग्री... आसमान से आग बरस रही थी। भीषण गर्मी में खड़ा रहना मुश्किल, जमीन भी तप रही थी। ऐसे में एक दंपती तपती दुपहरी में गर्माती धरती पर लोट लगाते हुए कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे।
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इंदौर

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Avantika Pandey

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Updated: 9 Apr 2025, 11:23 AM IST

Indore news

MP News : तापमान 41 डिग्री... आसमान से आग बरस रही थी। भीषण गर्मी में खड़ा रहना मुश्किल, जमीन भी तप रही थी। ऐसे में इंदौर में मंगलवार को एक दंपती तपती दुपहरी में गर्माती धरती पर लोट लगाते हुए कलेक्ट्रेट(Indore Collectorate) की जनसुनवाई में पहुंचे। पीड़ा थी कि उनके प्लॉट पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है और कोई सुनवाई नहीं हो रही। शिकायत के बाद ताबड़तोड़ प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचा तो अवैध कॉलोनी में प्लॉट नंबर का विवाद मिला, जिस पर स्टे दिया गया।

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ये है पूरा मामला

खंडवा रोड निवासी रामचरण बागवान और उनकी पत्नी दुर्गा मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट के गेट से लोट लगाते हुए अंदर जाने लगे। ये नजारा देख वहां मौजूद सिपाही सक्रिय हुए और उन्हें उठने को कहा। इस पर उनका कहना था कि हम कई बार यहां आ चुके हैं, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। बाद में उन्हें अपर कलेक्टर ज्योति शर्मा के कक्ष में ले जाया गया। दंपती ने बताया, जीवनभर की कमाई लगाकर कैलोद कर्ताल सर्वे नंबर 936/2 की कॉलोनी में 36 नंबर का 600 वर्गफीट प्लॉट खरीदा था। शेखर बेला व गोलू बोराने ने कब्जा कर लिया। डरा-धमकाकर टिन शेड उखाड़ फेंका और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इस पर एडीएम शर्मा ने तुरंत बिचौली हप्सी एसडीएम अजय भूषण शुक्ला को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

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मौके पर पहुंची टीम

एसडीएम शुक्ला ने तहसीलदार शिखा सोनी व पटवारी को मौके पर भेजा। कब्जा करने वाले बोले कि ये प्लॉट नंबर 32 है और बागवान 36 बता रहे हैं। सोनी ने दोनों पक्षों को दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए ताकि मामला समझा जा सके। जब तक कोई फैसला न हो जाए तब तक दोनों पक्षों को मौके पर निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए।

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...तो ऐसे ही सीएम के पास भी जाएंगे हम

दो साल से भटक रहे हैं। कई बार पुलिस-प्रशासन को शिकायत की, कोई कार्रवाई नहीं हुई। हर बार आश्वासन मिला, थक हारकर ये कदम उठाना पड़ा। न्याय नहीं मिलेगा तो मुख्यमंत्री के यहां भी ऐसे ही लोटते हुए जाएंगे।- रामचरण बागवान, पीड़ित