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जरूरी खबर : हर दिन हो रही 2500 लोगों की मौत, सिगरेट की लत छुड़ाना है तो लें ये दवा

सिगरेट से हार्मोनल डिसऑर्डर समेत कई गंभीर बीमारियां सामने आई

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जरूरी खबर : हर दिन हो रही 2500 लोगों की मौत, सिगरेट की लत छुड़ाना है तो लें ये दवा

जरूरी खबर : हर दिन हो रही 2500 लोगों की मौत, सिगरेट की लत छुड़ाना है तो लें ये दवा

इंदौर. सिगरेट पीना दिन-ब-दिन जानलेवा होता जा रहा है। स्मोकिंग की लत जिसको लग जाए वो इसे छुड़ा नहीं पाता। अगर कोई स्मोकिंग छुड़ाना चाहता है तो शहर के डॉक्टर ने कुछ दवाएं और थैरेपी बताई है। इन्हें अपनाकर स्मोकिंग की लत छूट सकती है।

शहर के अष्टांग आयुर्वेदिक कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अखिलेश भार्गव ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15 करोड़ से अधिक लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं। पूरे विश्व में धूम्रपान करने वाले लोगों की 12प्रतिशत आबादी भारत में है। भारत पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर है, जहां सबसे अधिक धूम्रपान किया जाता है। हर दिन लगभग 2500 लोगों की धूम्रपान से मौत होती है। एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते हैं। धूम्रपान करने वाले व्यक्ति स्वयं को तो नुकसान पहुंचाता ही है बल्कि पैसिव स्मोकर के रूप में आसपास के लोग इससे प्रभावित होते हैं इसलिए कहीं ना कहीं प्रत्येक व्यक्ति इससे अछूता नहीं है। धूम्रपान करने से कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, शरीर पर होने वाले घाव एवं अनेक हार्मोनल डिसऑर्डर होने की संभावनाएं रहती हैं।

आयुर्वेद में ये इलाज
1. सर्वप्रथम रोगी की आत्मशक्ति प्रबल होना चाहिए कि वह नशा छोडऩा चाहे।
2. धूम्रपान करने वाले लोगों का साथ छोडऩा चाहिए।
3. सरकार एवं निजी क्षेत्रों में नशा मुक्ति केंद्र संचालित हैं, उनकी सहायता लेना चाहिए।
4. एफडीए द्वारा स्वीकृत निकोटिन रिप्लेसमेंट थैरेपी भी कारगर है।
5. योगा, प्राणायाम के द्वारा तनाव मुक्ति एवं शरीर में बल प्राप्ति।
7. आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा द्वारा भी लाभ मिलता है।
8. आयुर्वेद दवाइयों के प्रयोग से धूम्रपान छोडऩे में मदद मिलती है। अदरक, आंवला व हल्दी का चूर्ण उपयोगी है। मानसिक तनाव को दूर करने हेतु अश्वगंधा, ब्राह्मी, मंडूकपर्णी उपयोगी है। यदि रोगी को नींद नहीं आए तो चिकित्सक की देखरेख में सर्पगंधा चूर्ण ले सकते हैं। भूख ना लगने पर चित्रक, त्रिकटु, अजवाइन आदि का प्रयोग किया जा सकता है। उल्टी का मन होने पर बड़ी इलायची का चूर्ण लाभदायक है। यदि रोगी को कब्ज जाने लगे तो आंवला, हरीतकी, सनाय आदि लाभदायक है। सभी दवाइयां चिकित्सक की देखरेख में लेना चाहिए।

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