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आइआइएम इंदौर के दीक्षांत समारोह में ओएनजीसी चेयरमैन ने भारत को लेकर कही बड़ी बात

आइआइएम इंदौर के 24वें दीक्षांत समारोह संपन्न।

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आइआइएम इंदौर के दीक्षांत समारोह में ओएनजीसी चेयरमैन ने भारत को लेकर कही बड़ी बात

आइआइएम इंदौर के दीक्षांत समारोह में ओएनजीसी चेयरमैन ने भारत को लेकर कही बड़ी बात

इंदौर. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आइआइएम) इंदौर का 24वां दीक्षांत समारोह शनिवार को हुआ। इसमें पीजीपी, आइपीएम सहित सात कोर्स के 739 प्रतिभागियों को डिग्री प्रदान की गई। मुख्य अतिथि ओएनजीसी के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह थे। उन्होंने पासआउट विद्यार्थियों को देश में ही रहकर भारत को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। सिंह ने कहा कि मौजूदा स्थितियों को देखकर दावा किया जा सकता है कि अगले कुद दशक भारत के है। आने वाले 20 साल के बाद भारत की लाइफस्टाइल पश्चिमी देशों की तुलना में काफी बेहतर होगी। भारत दुनिया के विकसित देशों में शामिल होगा, इसलिए आप किसी ओर देश के लिए काम करने की जगह यहीं रहकर भारत के विकास में अपना योगदान दें। आइआइएम इंदौर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एमएम मुरुगप्पन और आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु राय भी उपस्थित थे। कोविड के बाद यह आइआइएम का पहला दीक्षांत समारोह था, जिसमें अभिभावकों की भी उपस्थिति रही। बीओजी चेयरमैन मुरुगप्पन ने स्वागत भाषण में 2023 के बैच को बधाई दी। उन्होंने छात्रों, उनके परिवारों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत के साथ ही आइआइएम इंदौर की प्रतिष्ठा की प्रशंसा की। उन्होंने आजीवन सीखने के महत्व और कक्षा के भीतर और बाहर दोनों से ज्ञानार्जन करने से होने वाले सर्वांगीण विकास में शिक्षा की भूमिका पर जोर दिया। जीवन में सीख के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा, सीखना तभी सार्थक है जब यह आजीवन हो और कक्षा के अंदर और बाहर प्राप्त ज्ञान सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्नातकों से पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने के साथ भारत और दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए अपनी शिक्षा और नेतृत्व का उपयोग करने का आग्रह किया।

एवेंजर्स की तरह दें योगदान
आइआइएम डायरेक्टर प्रो. हिमांशु राय ने पासआउट विद्यार्थियों से अपने आत्म-विश्वास और सकारात्मक सोच को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने स्वयं की क्षमताओं में अटूट विश्वास के महत्व पर जोर दिया और स्नातकों से हर सकारात्मक पहलू को आत्मसात करने के लिए तैयार होकर, हर चुनौती का सामना करने का आग्रह किया। प्रो. राय ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे अपने राष्ट्र के लिए "एवेंजर्स" की तरह उत्साह के साथ योगदान दें। उन्होंने उनसे यह भी आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं संवेदनशील बने रहें, और सकारात्मकता का विकास करें।

जारी है ट्रिपल क्राउन का खिताब
प्रो. राय ने आइआइएम इंदौर की कुछ नवीनतम पहलों को भी साझा किया, जिसमें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना शामिल है, जो वॉश - पानी, स्वच्छता और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने एक्विस द्वारा संस्थान की पुन: मान्यता का भी जिक्र किया, जिससे इसके प्रतिष्ठित ट्रिपल क्राउन की उपलब्धि निरंतर जारी है। उन्होंने पिछले शैक्षणिक वर्ष में विभिन्न शैक्षणिक उपलब्धियों और संस्थान के सहयोग को भी साझा किया।