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अवैध उत्खनन : खनिज विभाग सोया रहा और एसडीएम ने दे दी दबिश

भाजपा नेता के संरक्षण में हो रहा अवैध कारोबार, 3 पोकलेन व 4 डंपर जब्त
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इंदौर

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Mohit Panchal

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Updated: 6 Mar 2024, 9:01 AM IST

अवैध उत्खनन : खनिज विभाग सोया रहा और एसडीएम ने दे दी दबिश

अवैध उत्खनन : खनिज विभाग सोया रहा और एसडीएम ने दे दी दबिश

इंदौर। बायपास पर माचला में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा था। लगातार शिकायत मिल रही थी, लेकिन खनिज विभाग सोया रहा। एसडीएम और उनकी टीम ने मौके पर जाकर दबिश देकर तीन पोकलेन और चार डंपर जब्त कर लिए। अवैध कारोबार एक भाजपा नेता के संरक्षण में संचालित हो रहा था, जिसमें खनिज विभाग के एक अफसर का रिश्तेदार भी सहयोगी था।

इंदौर में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन हो रहा है, जबकि खनिज विभाग का प्रभार खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास है। उन्होंने अफसरों को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि प्रदेश में कहीं भी अवैध गतिविधि संचालित नहीं होना चाहिए। बावजूद खनिज माफियाओं के हौंसले इंदौर में बुलंद हैं। मंगलवार को कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देश पर राऊ एसडीओ विनोद राठौर, तहसीलदार नारायण नांदेड़ा और राजस्व के अमले ने बायपास स्थित माचला में छापामार कार्रवाई की। सरकारी सर्वे 248 पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा था।

एसडीएम राठौर ने मौके से तीन पोकलेन और चार डंपर जब्त किए हैं। ये पोकलेन सन्नी जाट, पीपलदा के राजेश मुकाती और मंगेश नामक शख्स की हैं। चार डंपर भी इनके ही हैं, जिनको जब्त करने के बाद खनिज विभाग को जानकारी दी गई कि अवैध उत्खनन पकड़ा है। खबर लगने पर सहायक खनिज अधिकारी जयदीप नामदेव मौके पर पहुंचे और जब्ती की कार्रवाई की। अब खनिज विभाग राजस्व के अमले को साथ में लेकर मौके पर हुई खुदाई की नप्ती करके दंड की राशि प्रस्तावित करेगा। गौरतलब है कि ये कार्रवाई आठ दिन पहले होने वाली थी, लेकिन भनक लगने पर सब माफिया गायब हो गए थे। इसके बाद उन्होंने फिर से काम शुरू कर दिया।

भाजपा नेताओं का है खेल

एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. यादव अवैध उत्खनन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं तो दूसरी तरफ भाजपाइयों के इशारों पर खेल चल रहा है। सांवेर रोड पर भी अधिकांश अवैध खदान लक्की नामक भाजपाई के संरक्षण में चल रही है तो माचला की खदान भी अरविंद व देवेंद्र नामक भाजपा नेता चला रहे थे। मजेदार बात यह है कि इस खेल में खनिज विभाग के एक बड़े अधिकारी का धर्मेंद्र नामक रिश्तेदार भी शामिल है।

हो चुका है हमला

चार साल पहले माचला में बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन चल रहा था, जिस पर कार्रवाई करने के लिए तत्कालीन एसडीएम मुनीष सिकरवार पहुंचे थे। उनकी टीम पर खनिज माफियाओं ने हमला कर दिया था, जिस पर सिकरवार ने चेतन पटवारी और कुणाल पटवारी के खिलाफ हत्या का प्रयास और शासकीय कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कराया था। एक आरोपी की काफी दिन बात जमानत हुई थी।