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स्टिंग ऑपरेशन : शराब दुकानों के बगल में छलक रहे अवैध जाम, ऐसी है अफसरों की मिलीभगत

पत्रिका पोल-खोल: अफसर-शराब ठेकेदारों का गठजोड़, सरकार को 6 करोड़ का चूना लगा रहे अवैध अहाते

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स्टिंग ऑपरेशन : शराब दुकानों के बगल में छलक रहे अवैध जाम, ऐसी है अफसरों की मिलीभगत

स्टिंग ऑपरेशन : शराब दुकानों के बगल में छलक रहे अवैध जाम, ऐसी है अफसरों की मिलीभगत

भूपेन्द्र सिंह@इंदौर. अफसरों और शराब ठेकेदारों की मिलीभगत की बानगी अवैध अहातों के रूप में देखी जा सकती है। इस गठजोड़ से न केवल नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। दरअसल, शहर और आसपास की करीब 30 शराब दुकानों को अहाते चलाने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद अहातों में शराब पिलाई जा रही है। सभी 30 दुकानों को करीब 6 करोड़ रुपए जमा कर अहातों की अनुमति लेनी थी, लेकिन नहीं ली गई। पत्रिका टीम ने स्टिंग कर लंबे समय से नियम विरूद्ध चल रहे अहातों की पोल खोली है।

इंदौर क्षेत्र में 150 से अधिक शराब दुकानों के ठेके

सहायक आयुक्त आबकारी इंदौर के क्षेत्र में 150 से अधिक देशी-विदेशी शराब दुकान के ठेके हैं। दुकानों को अहाता संचालन के लिए ठेके की कुल राशि की दो प्रतिशत राशि जमा करनी होती है। जो दुकानदार 2 प्रतिशत राशि जमा नहीं करता है, उसे अहाता चलाने की अनुमति नहीं होती है। 150 में से करीब 30 शराब ठेकेदारों ने 2 प्रतिशत राशि जमा नहीं कराई है। इनका करीब 300 करोड़ में ठेका हुआ था, इस लिहाज से 6 करोड रुपए आहता संचालन के जमा होने चाहिए, लेकिन मिलीभगत के चलते बिना राशि जमा कराए ही अहाते चल रहे हैं। शासन को सीधे-सीधे 6 करोड़ का नुकसान है।

अफसर बने अनजान, अनुमति पर करते हैं गुमराह
शराब ठेकेदारों को आबकारी अफसरों का साथ मिला हुआ है। अफसर अहातों की अनुमतियों के मामले में गुमराह करते हैं। पत्रिका ने जब सर्कल इंस्पेक्टरों से बात की तो शराब ठेकेदारों का बचाव करते नजर आए। लसूड़िया गोदाम क्रमांक 1 शराब दुकान के सर्कल इंस्पेक्टर रामटेके लक्ष्मीकांत से इस दुकान के अहाते के लाइसेंस की जानकारी मांगी तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कंट्रोलर से बात करने को कहा। खंडवा नाका की सर्कल इंस्पेक्टर प्रियंका शर्मा ने यहां की अनुमति होना बताया, लेकिन दस्तावेज नहीं दिखा पाईं। चंद्रगुप्त मौर्य सर्कल इंस्पेक्टर बीडी अहीरवार ने बताया कि यहां की प्रक्रिया शायद चल रही है। पहले इस अहाते को बंद कराया था। फिर भी चल रहा है तो दिखवा लेते हैं। निपानिया के सर्कल इंस्पेक्टर ने कहा कि यहां की परमिशन प्रक्रिया में है, लेकिन अहाते का लाइसेंस जारी नहीं हुआ है। प्रक्रिया के दस्तावेज नहीं दिखा पाए।

खंडवा नाका : दो फ्लोर पर चल रहा अहाता
खंडवा नाका के शराब दुकानदार खुलेआम अहाता संचालित कर रहे हैं। दुकान से शराब की बोतल खरीदने के बाद पास में बने अहाते में शराब पी जा सकती है। दुकान पर तैनात कर्मचारी खुद ही शराब खरीदने के बाद अहाते में पीने के लिए भेज देते हैं। नीचे के फ्लोर पर खड़े होकर शराब पी जा सकती है। वहीं, दूसरी मंजिल पर बैठकर शराब पीने के साथ ही खाने-पीने की व्यवस्था है।

निपानिया : आलीशान व्यवस्था जुटाई
निपानिया क्षेत्र में चल रही इस दुकान के पीछे तीन तरह के अहाते हैं। दुकानदार खुद ही यहां भेज देते हैं। एक ओर एसी हॉल में फैंसी लाइटिंग है तो दूसरी ओर खुले में आकर्षक डेकोरेशन के बीच गायकों की प्रस्तुति होती है। यहां लगी टेबलों पर बड़ी संख्या में लोग बैठकर शराब पी सकते हैं। होटल की तर्ज पर यहां भोजन की व्यवस्था भी है। यहां बैठने वालों से अलग से चार्ज लिया जाता है।

चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा : शराबियों की भीड़, पीने की सुविधा
चंद्रगुप्त मौर्य चौराहा स्थित एमआर 10 के व्यस्त चौराहे की सर्विस रोड पर शराब की दुकान है। दुकान के पास छोटे-बड़े अहाते चल रहे हैं। दुकान से शराब लेकर बड़ी संख्या में लोग यहां बैठकर नशा करते हैं। गिलास-पानी से लेकर भोजन भी परोसा जा रहा है। लाइन से टेबल-कुर्सी लगाकर शराब पिलाई जाती है। इतना ही नहीं, सर्विस रोड पर ही शराबी बड़ी संख्या में मजमा लगाकर नशाखोरी करते हैं।

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