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127 साल पुराना इतिहास खंगाला

250 करोड़ की सेंट टेेरेसा जमीन का मामला, पुलिस ने जुटाए दस्तावेज

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इंदौर

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Anil Phanse

Aug 10, 2022

127 साल पुराना इतिहास खंगाला

127 साल पुराना इतिहास खंगाला

धार। धार में शासकीय जमीन के क्रय-विक्रय करने के मामले में पुलिस जल्द ही चालान पेश करने वाली है। इसे लेकर तैयारी अंतिम चरणों में है। दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने पर पुलिस का पूरा फोकस है। धार के इतिहास में पहली मर्तबा किसी प्रकरण में दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों का सजा होगी। प्रकरण में कोर्ट के समक्ष चार हजार से अधिक पन्नों का चालान पेश किया जाएगा। इसमें करीब 34 आरोपियों के बारे में विस्तृत जानकारी होगी। साथ ही आरोपियों ने किस प्रकार जमीन को स्वयं का बताकर अलग-अलग लोगों को प्लॉट बेचे जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्य भी होंगे।

एसपी आदित्य प्रताप सिंह की गठित एसआईटी टीम चालान को पूरा करने में लगी हुई है। इसे पेश करने के साथ ही चार नए आरोपियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई करेगी। दरअसल मगजपुरा क्षेत्र में सर्वे क्रमांक 29 की 3.074 हेक्टेयर जमीन जनकल्याण के लिए दी गई थी, जिसे आरोपी सुधीर दास व सुधीर जैन ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेच दिया था। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए 28 नवंबर 2021 को प्रकरण दर्ज किया। जिसमें 26 नामजद आरोपी सहित एक संस्था को आरोपी बनाया था।
जांच के दौरान पुलिस अब तक इस मामले में 32 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। इन आरोपियों को गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट से राहत मिली व सभी आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं। हालांकि आरोपियों को जमानत के दौरान कोर्ट ने आदेशित किया था कि प्रकरण के साक्ष्य सहित केस को प्रभावित नहीं करें व पुलिस को समय-समय पर जांच के लिए सहयोग करें। अब पुलिस मुख्य आरोपियों की जमानत आवेदन निरस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। जहां पर खारिज करने का आवेदन स्वीकार कर लिया गया और आरोपियों को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है। इस जमीन की कुल कीमत करीब 250 करोड़ रुपए है।

आजादी के पहले धार महाराज ने सेंट टेरेसा कंपाउंड व मिशन अस्पताल की जमीन डॉक्टर मिस वोहरा को सन 1895 में दी थी। इस दौरान डॉक्टर वोहरा को महिलाओं के बेहतर उपचार के लिए जमीन दी गई। जिसमें अस्पताल संचालन के साथ ही प्रशासक बनाया गया था, लेकिन बाद में आरोपी सुधीर दास के पिता सन 1972 में धार आए थे। इसके बाद आरोपी सुधीर ने उक्त जमीन को अपनी पैतृक जमीन बताकर क्रय करना शुरू किया, जबकि सबसे पहले प्रशासक रही डॉक्टर वोहरा से इनका कोई संबंध ही नहीं था। ऐसे में एसआईटी टीम ने 127 साल का पूरा रिकॉर्ड ही खंगाल लिया। जिसे भी चालान के साथ पेश किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस टीम ने गूगल मैप के माध्यम से पुराने फोटो निकाले हैं, जिसमें जमीन की यथास्थिति को दर्शाया गया है