नगर निगम कर्मचारी लंबे समय से लड़ रहे लड़ाई, सत्ता में आने से पहले का याद दिलाया वचन
इंदौर.नगर निगम में अपनी नौकरी पक्की यानी स्थायी करने की मांग को लेकर मस्टरकर्मी नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से मिले। लंबे समय से नियमित होने की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों ने सत्ता में आने से पहले दिया गया वचन भी याद दिलाया ताकि 5800 कर्मचारियों की नौकरी पक्की हो जाए। इसमें स्वास्थ्य विभाग के मस्टर सफाईकर्मी भी शामिल हैं।
निगम के मस्टरकर्मी रविवार को मंत्री जयवर्धन सिंह से मिलने रेसीडेंसी कोठी पहुंचे। निगम मस्टरकर्मी संगठन के अध्यक्ष रजनीश शर्मा, कार्यवाहक अध्यक्ष प्रवीण तिवारी, उपाध्यक्ष इसरार अहमद, कर्मचारी अनिल यादव, गोविंद शर्मा, मुन्ना कौशल, गोपाल व्यास और अशोक शर्मा ने मंत्री सिंह से मिलकर निगम में नियमित यानी नौकरी पक्की करने के साथ ७वां वेतनमान देने की मांग रखते हुए ज्ञापन सौंपा।सिंह ने मांग पत्र को तुरंत नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के आयुक्त पी. नरहरि को मार्क करते हुए तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए। उन्होंने विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे के माध्यम से नगरीय प्रशासन मंत्रालय को जल्द से जल्द भेजने का कहा। मालूम हो कि मस्टरों को नियमित करने के लिए जानकारी भोपाल बुलवाई गई है, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई है। सिंह से मिलने के बाद अगर सरकार वचन पूरा करती है तो नगर निगम के तकरीबन 8500 कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल हैं। निगम के मस्टरकर्मी अपनी नौकरी पक्की कराने की लड़ाई लंबे समय से लड़ रहे हैं। इनमें उपयंत्री से लेकर बाबू, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सहित सफाई कामगार शामिल हैं, जो कि निगम मुख्यालय, जोनल ऑफिस और स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं। कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के साथ महापौर से लेकर आयुक्त और एमआईसी मेंबरों के आगे तक गुहार लगाने वाले मस्टर कर्मियों ने धरना-प्रदर्शन अलग किए, मगर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। प्रदेश में रही भाजपा सरकार ने मस्टरकर्मियों को फायदा तो पहुंचाया, लेकिन नियमित यानी नौकरी पक्की करने के बजाय विनियमित करके।
सफाईकर्मी हैं 5500
निगम स्वास्थ्य विभाग में मस्टर सफाईकर्मी के पद पर तकरीबन 5500 लोग हैं। निगम के अन्य विभाग में लगभग 3 हजार मस्टर कर्मियों की संख्या है। इस तरह कुल 8500 मस्टर निगम में है। निगम ने विनियमित योजना के तहत जिन कर्मचारियों को नौकरी करते-करते 11 साल हो गए हैं, उन्हें लाभ दिया है।