1996 में आई फिल्म जुमांजी का पार्ट-2 आने में 21 साल लग गए। पर पुरानी फिल्म के मुकाबले यह कहीं नहीं ठहरती।
स्टार कास्ट : इवेन जॉनसन, करेन गिलान, केविन हार्ट, जैक ब्लैक, निक जोनस।
प्रोड्यूसर : कोलंबिया पिक्चर्स
निर्देशक : जैक कासदान।
पवन@ इंदौर. 1996 में आई फिल्म जुमांजी का पार्ट-2 आने में 21 साल लग गए। पर पुरानी फिल्म के मुकाबले यह कहीं नहीं ठहरती। जुमांजी जहां रोमांच, थ्रिल और कॉमेडी से भरपूर है कि उसे बार-बार देखा जा सकता है, वहीं दूसरा हिस्सा यूं लगता है कि जैसे साउथ की कोई मूवी देख रहे हैं, जंगल के बैकग्राउंड में। सुपरमैन जैसा हीरो, खूबसूरत हीरोइन, मसखरे से दोस्त, एक विलेन और गुंडों की फौज। एक हीरा, दुनिया पर हुकूमत की चाह और हीरो का सब ठीक कर देना। लगा फिल्म के डायरेक्टर ने साउथ में आकर फिल्म बना दी और कोलंबिया के बैनर में वल्र्ड वाइड रिलीज कर दी।
कहानी : कहानी शुरुआत जुमांजी गेम से ही होती है, जो इस बार वीडियो गेम की शक्ल में है। पहले एक लडक़ा गेम में फंसता है और उसके चार दोस्तों की टोली। इस बार गेम से कुछ नहीं निकलता बल्कि सब गेम में समा जाते और जंगल में पहुंच जाते हैं। जहां एक विलेन है, जो जंगल के रक्षक का हीरा चुरा लेता है। उस हीरे को वापस उसकी जगह पर पहुंचाने का टास्क गेम खेलने वालों को मिला। जंगल में भागदौड़ और विलेन, उसके गुंडों की फौज से मारधाड़ करते हुए हीरे को वापस वहां पहुंचाकर गेम से बाहर।
एक्टिंग : जुमांजी में हर चाल पर नए खतरे सामने आते थे, इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है। जंगल में फंसी टोली को न तो नए किस्म के ज्यादा खतरे मिलते हैं और न ही नए-नए जानवर नजर आते हैं। कुछ सीन में दिखा दिए जाते हैं कि जंगल है तो दिखाना मजबूरी है। वरना तो विलेन के गुर्गों से मारधाड़ और भागने में ही फिल्म खर्च हो जाती। जॉनसन हमेशा की तरह एक्शन के अवतार में नजर आए और साथी कलाकारों ने गेम में फंसे स्टूडेंट्स का किरदार निभाने की कोशिश तो की है, पर न तो उनके हाव-भाव में वैसी हैरत थी और न ही डर।
क्यों देखें : जुमांजी का रोमांच देखने जाने वाले बच्चों को तो निराशा होगी ही, बड़े भी सिर पकड़ लेंगे, जो जुमांजी का पहला हिस्सा देख चुके हैं। चूंकि इस सप्ताह कोई और फिल्स नहीं रिलीज हुई, तो साउथ की फिल्म को हॉलीवुडिया अंदाज में देखने जा सकते हैं, बाकी जुमांजी मानकर जाना तो बेवकूफी ही होगी।