3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागपंचमी : इस मंदिर में दिन में एक बार आता है नाग-नागिन का जोड़ा, अंग्रेजों ने भी पीछे कर लिए थे कदम

प्राचीन नागेश्वर महादेव हनुमान मंदिर में सुबह 6 से रात 12 बजे तक होता है दुग्धाभिषेक

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Aug 05, 2019

indore

नागपंचमी : इस मंदिर में दिन में एक बार आता है नाग-नागिन का जोड़ा, अंग्रेजों ने भी पीछे कर लिए थे कदम

इंदौर.नागपंचमी पर शहर के प्राचीन नागेश्वर महादेव हनुमान मंदिर में विशेष साज सज्जा के साथ दिनभर अनुष्ठान होते हैं। यहां नाग-नागिन का जोड़ा साक्षात रूप में दिन में एक बार भक्तों को दर्शन अवश्य देता हैं, हालांकि इसका समय निश्चित नहीं है। मंदिर पर सुबह भागवत कथा, दोपहर में 56 भोग, भजन संध्या, दुग्धाभिषेक आदि आयोजन होते हैं। भक्त सुबह 6 बजे से आना शुरू हो जाते हैं और रात 12 बजे तक नागेश्वर को दूध अर्पित करते हैं।

पं. श्याम शर्मा बताते हैं, करीब ढाई सौ साल पहले यहां महज एक ओटला था। पत्थरनुमा प्रतिमा स्थापित थी, जहां नाग-नागिन का वास था। उस दौरान अंग्रेज इसे तोडऩा चाहते थे, लेकिन पीपल्याहानावासियों ने विरोध किया। इस दौरान अंग्रेजों ने यहां पर नाग-नागिन के समूह को देखा तो अपने कदम पीछे कर लिए और मंदिर के लिए यह जमीन दे दी। आजादी के बाद यह जमीन कृषि महाविद्यालय के पास आ गई। समय के साथ जैसे-जैसे भक्तों की मनोकामना पूरी होती गईं, मंदिर का स्वरुप बदलता गया।

must read : इस Nag Panchami पर महासंयोग, 125 साल बाद सावन के सोमवार पर आ रहा है यह पर्व, जानें क्या है महत्व

मंदिर अब विशाल रुप ले चुका है। यहां भक्त नियमित दर्शन करने आते है। मंदिर के चारों ओर नागराज के चित्र हैं। यहां शिव, हनुमान व अन्य देवी-देवता भी स्थापित हैं। पं. शर्मा का कहना है कि यहां दिन में एक बार नाग-नागिन का जोड़ा भक्तों को दर्शन देने आता है। खिड़कियों, दरवाजे या फिर मूर्तियों के पास दर्शन होते हैं। पं. श्याम शर्मा बताते है कि उनके पिता बाबूलाल शर्मा कृषि कॉलेज में फील्ड असिस्टेंट थे और वे ही मंदिर की व्यवस्था संभालते थे।

महिलाओं की सुनी गोद भर जाती

पं. शर्मा बताते है कि यहां पर महिलाओं की सुनी गोद भरी जाती है और उन्हें संतान प्राप्ति होती है। मंदिर में काल सर्प की पूजा, राहू-केतु शांति के लिए विशेष पूजा होती है। सावन माह के अलावा शिवरात्रि, हनुमान जयंती पर भी धार्मिक आयोजन होते हैं।

Story Loader