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देश में अवैध हथियारों का सबसे बड़ा ठिकाना है ये शहर, आतंकवादियों से जुड़े तार

गैंगस्टर से बनाई लिंक : खरगोन, धार, बड़वानी के सिकलीगरों से जुड़े सप्लायर

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इंदौर

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Amit Mandloi

Oct 07, 2018

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इंदौर. अवैध पिस्टल हासिल करने के लिए इंदौर देशभर के बदमाशों का पसंदीदा ठिकाना बन रहा है। इंदौर के बदमाशों के जरिए आसपास के जिलों में सक्रिय सिकलीगर प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही पूरे देश में पिस्टल-रिवाल्वर सप्लाय कर रहे हैं। खरगोन, धार व बड़वानी के सिकलीगरों के हाथों बने इन अवैध हथियारों की क्वालिटी अच्छी बताई जाती है। गत आठ माह में करीब 400 पिस्टल-रिवाल्वर जब्त हो चुके हैं।

पुलिस ने शहर से हथियार सप्लाय करने वालों की पूरी कुंडली तैयार करने का दावा किया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक खरगोन, धार, बड़वानी के सिकलीगर इंदौर के बदमाशों के जरिए हथियार दूसरे प्रदेशों तक सप्लाय करा रहे हंै। यूपी, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंधप्रदेश के बदमाशों तक यहां बने हथियार पहुंचते रहे हैं। पुलिस व एसटीएफ के रिकॉर्ड से पता चलता है कि खरगोन, धार, बड़वानी इलाके में करीब 100 सिकलीगर सक्रिय हंै, जो साइकिल के पाइप से पिस्टल व रिवाल्वर बनाते हैं। पुलिस के डर से ये लोग घर छोडक़र जंगलों में जाकर हथियार बना रहे हैं। हथियार तैयार होने के बाद उन्हें जमीन में गाड़ देते हैं। इंदौर के कई बदमाश इन सिकलीगरों से 10-12 हजार में पिस्टल खरीदकर उन्हें 25-30 हजार रुपए में दूसरे राज्यों के बदमाशों को बेच देते हैं। कई सिकलीगर तो कारतूस भी बनाने लगे हैं। इंदौर के मध्यस्थ बदमाशों के साथ ही उज्जैन, भोपाल, रतलाम, धार, नीमच के बदमाश भी इनसे हथियार खरीदकर दूसरे प्रदेशों तक पहुंचा चुके हंै। विदेशी पिस्टल की तर्ज पर पिस्टल बनाने की महारथ हासिल होने से सभी जगहों से इनके पास सीधे डिमांड पहुंचती है और फिर यह बनाकर सप्लाय करते हैं।

8 माह में एक हजार से अधिक गिरफ्तार

एएसपी क्राइम ब्रांच अमरेंद्रसिंह ने बताया, गत 8 माह में एक हजार से ज्यादा आम्र्स एक्ट के केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें करीब 400 पिस्टल व रिवाल्वर की जब्ती भी शामिल है। धार, बड़वानी, गंधवानी के करीब 50 सिकलीगरों को गिरफ्तार किया है। जो सिकलीगर फरार है, उन्हें भी जल्द पकड़ा जाएगा।

ध्वस्त किया नेटवर्क

डीआइजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने कहा, फायर आम्र्स से होने वाली घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने सिकलीगरों पर लगातार कार्रवाई करते हुए कर उनका नेटवर्क काफी हद तक ध्वस्त किया है। हमारी सूचना पर दूसरे जिलों की पुलिस ने भी कार्रवाई की है।

सिमी गुर्गों से लेकर कोटा के गैंगस्टरों तक पहुंचे हथियार

- जून में पुलिस ने आम्र्स डीलर शाकिर उर्फ बकरी को पकड़ा, जो मंदसौर के ड्रग डीलर व महाराष्ट्र, गुजरात के कई गैंगस्टरों के संपर्क में था। वह सिमी से जुड़े कई गुर्गों को भी हथियार सप्लाय कर चुका है।

- अप्रैल में बदमाश अजहर उर्फ बकरा के पास 10 पिस्टल मिली थीं। आरोपी यूपी व राजस्थान के बदमाशों को आर्डर पर माल सप्लाय करता था।

- एसटीएफ ने छह माह पूर्व बड़वानी के सिकलीगर प्यारसिंह को पकड़ा तो उसने कई बदमाशों को हथियार बेचना कबूल किया। यूपी के एक सांसद की हत्या की सुपारी लेने वाले तक प्यारसिंह के जरिए ही पिस्टल-रिवाल्वर पहुंचे थे।

- पिछले दिनों क्राइम ब्रांच ने कोटा के बदमाश समीर को पिस्टल सहित पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि आरोपी कोटा के बदमाशों के आर्डर पर उनके लिए पिस्टल खरीदने के लिए आया था। उसने धार के सिकलीगरों से पिस्टल व रिवाल्वर खरीदी व इंदौरी बदमाशों को बेची।

तीन साल की तुलनात्मक स्थिति

(1 जनवरी से 31 अगस्त तक)
वर्ष आम्र्स एक्ट के केस
2016 557
2017 958
2018 1073