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प्रदेश में विरोध का आलम: ट्रक हड़ताल के समर्थन में अनाज मंडी भी अनिश्चितकालीन बंद

प्रदेश में हड़ताल का आलम: ट्रक हड़ताल के समर्थन में अनाज मंडी भी अनिश्चितकालीन बंद
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इंदौर

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Amit Mandloi

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Updated: 27 Jul 2018, 1:34 PM IST

truck strike

प्रदेश में हड़ताल का आलम: ट्रक हड़ताल के समर्थन में अनाज मंडी भी अनिश्चितकालीन बंद

इंदौर. ट्रक हड़ताल के समर्थन में कल शहर के बड़े बाजार बंद रहे तो आज लक्ष्मीबाई नगर व छावनी अनाज मंडी के व्यापारियों ने भी कामकाज बंद रखा। लक्ष्मीबाई नगर मंडी के कामकाज नहीं होने की एक वजह गुरु पूर्णिमा भी है। इधर, चोइथराम सब्जी मंडी में सब्जियों का कारोबार हुआ, लेकिन आलू-प्याज के ट्रक नहीं आने की वजह से स्टॉक भी खत्म हो गया।

टोल प्रणाली बदलने और डीजल पर जीएसटी लागू करने की मांग को लेकर ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर हैं, जिसका आज 7वां दिन है। मध्यप्रदेश अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल के आह्वान पर आज छावनी व लक्ष्मीबाई नगर मंडी के व्यापारियों ने हड़ताल के समर्थन में कारोबार बंद रखा। हड़ताल के चलते दोनों ही मंडी में सुबह व्यापारी नहीं पहुंचे। वैसे भी ट्रक की आवाजाही नहीं होने की वजह से भी मंडी में माल नहीं आ पा रहा है। अब तक स्टॉक किया हुआ माल छोटी गाड़ी से भेज रहे थे। इधर, चोइथराम सब्जी मंडी आज सुबह रोज की तरह शुरू हुई। सब्जियों की गाडिय़ां रोज की तरह पहुंची, लेकिन आलू-प्याज के ट्रक नहीं आए। इस वजह से मंडी बंद-सी रही। व्यापारी भी पहुंचे, लेकिन दुकानें न के बराबर खुली। वहीं कल कई व्यापारिक संगठनों ने हड़ताल का समर्थन किया था, जिसका असर बाजार में सीधे-सीधे देखने को मिला।

असमंजस की स्थिति बनी
कल शाम को मप्र अनाज दलहन तिलहन व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने हड़ताल के समर्थन में बंद की घोषणा कर दी थी। कल शाम को हुए घटनाक्रम की जानकारी संघ के अध्यक्ष मनोज काला को नहीं पहुंची। जैसे ही मालूम पड़ा उन्होंने ताबड़तोड़ सभी को सूचना दी। हालांकि हड़ताल का समर्थन करने का फैसला कार्यकारिणी की बैठक में पास होने के बाद ही लिया जाता है।

इधर बाबुओं की हड़ताल में भृत्य भी हुए शामिल

सरकारी कार्यालयों में दो दिन अफसरों को पानी पिलाने वाले भी नहीं मिलेंगे 30 वर्ष से वेतन विसंगति को लेकर बाबुओं की लड़ाई सरकार से चल रही है, लेकिन अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। पांच दिन से वे हड़ताल पर बैठे हैं, जिससे सारा सरकारी कामकाज ठप पड़ा है। आज तो अफसरों को पानी पिलाने वाले भी नहीं मिलेंगे, क्योंकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी भृत्य भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं।

मध्यप्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले हो रही बाबुओं की हड़ताल अब बड़ी होती जा रही है। शुरुआती तौर पर जिला प्रशासन, तहसील सहित कुछ अन्य विभाग साथ में थे, लेकिन दो दिन पहले संभागायुक्त, वाणिज्यिक कर और स्वास्थ्य के कर्मचारी भी शामिल हो गए। इस पर जैसे-तैसे अफसर काम कर रहे थे, लेकिन आज स्थिति ओर खराब हो जाएगी। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यानी भृत्य भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। आज अधिकारियों को फाइल लाने ले-जाने से लेकर पानी पिलाने वाले भी नहीं मिलेंगे। हालांकि संघ ने उन बाबू और भृत्य को हड़ताल से दूर रखा है जिनकी नौकरी को दो साल पूरे नहीं हुए हैं। वहीं संविदा पर कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में अस्थाई नौकरी करने वालों पर सारा दारोमदार आ गया है। पिछले दो दिन से सरकारी महकमे का सारा काम ठप्प पड़ा है। हालत ये है कि अब अफसर केसों में तारीख बढ़ा रहे हैं।

भजन-कीर्तन और यज्ञ हुए
गौरतलब है कि कर्मचारियों ने काफी समय पहले ही आरपार की लड़ाई की घोषणा कर दी थी। इसको लेकर गत सप्ताह उन्होंने विरोध स्वरुप काली पट्टी बांधकर काम किया था। सोमवार से वे पूरी तरह से हड़ताल पर चले गए। कलेक्टोरेट के सामने गंजी कम्पाउंड में टेंट लगाकर धरना दिया जा रहा है। अब तक सरकार को सदबुद्धी देने के लिए वे भजन, कीर्तन और यज्ञ कर चुके हंै।

जूडा हड़ताल: समझौता नहीं, कार्रवाई करेगी सरकार
इंदौर द्य मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे जूनियर डॉक्टर अब तक काम पर नहीं लौटे हैं, जबकि हाईकोर्ट की सख्ती और एस्मा लगाया जा चुका है।

सरकार ने जूनियर डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन कैंसल कर निष्कासित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। आज हड़ताल खत्म नहीं होती तो इंदौर सहित पूरे प्रदेश के 1500 से अधिक जूनियर डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन तय समय के लिए रद्द कर निष्कासित किया जा सकता है। जूनियर डॉक्टर अब किसी तरह का बयान देने से भी बच रहे हैं। स्टायपंड बढ़ाने की मांग तो दूर अब निष्कासित हो चुके साथियों का रजिस्ट्रेशन बचाने में लगे हुए हंै। हड़ताल के चलते इंदौर संभाग के शहरों से डॉक्टरों की टीम बुलाई गई है, लेकिन एमवायएच में भर्ती मरीजों की संख्या के मुकाबले ये डॉक्टर काफी कम हंै, इसलिए मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।