
salary cut
नई दिल्ली: कोरोनावायरस की वजह से मार्केट की हालत खराब है। कंपनियां ( companies ) अपने नुकसान को पूरा करने के लिए छंटनी और वेतन कटौती के साधन अपना रही है। वहीं कुछ अपने कर्मचारियों को अनपेड लीव पर भेज रही हैं। ऐसे माहौल में लोग लगातार डर में जी रहे हैं। किसी को नहीं पता कि उनकी नौकरी कब तक है और 5 में से हर 2 लोगों ने सैलेरी कटने की बात स्वीकार की है। जी हैं ये खुलासा हुआ है एक मीडिया के द्वारा किये गए ऑनलाइन सर्वे में । इस सर्वे में 3,074 लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें से 39 फीसदी ने कहा कि उनकी सैलरी में कटौती ( salary cut ) हुई है, और 15 फीसदी को नौकरी जाने ( job loss ) की आशंका है।
इस सर्वे में शामिल 15 फीसदी लोगों ने बताया कि उनकी 25 फीसदी से ज्यादा सैलेरी कटी है, लेकिन इसके बावजूद ये लोग कहीं और नौकरी नहीं तलाश रहे क्योंकि कोरोना की वजह से फिलहाल उन्हें जॉब में स्टेबिलिटी सबसे बड़ा बेनेफिट दिख रहा है।
अनुभवी लोगों को भी है नौकरी खोना का डर- इस सर्वे में जो सबसे चौंकाने वाली बात पता चली वो ये कि सिर्फ नए लोगों नही बल्कि 10-15 साल के अनुभव वाले लोगों को भी नौकरी जाने का उतना ही डर है जितना कि नए लोगों को। इसके अलावा हालांकि लोगों ने दूसरी नौकरी ढूंढने की बात से इंकार किया और 43 फीसदी लोग अपनी पुरानी नौकरी में रहना चाहते हैं लेकिन फिर भी इनमें से 31 फीसदी को यकीन है कि अगर उनकी नौकरी चली जाती है तो उन्हें दूसरी नौकरी आसानी से मिल जाएगी ।
इसके साथ ही साथ यंग जनरेशन यानि 26-35 साल आयु वर्ग के लोगों ने वर्क फ्राम होम ( work from home ) को बेहतर ऑप्शन बताया और उन्होने इसे आगे करने की भी इच्छा जताई । एक और बड़ी बात सामने आई कि लॉकडाउन में कम से कम 50 फीसदी वर्क फ्राम होम करने वाले लोगों ने इस दौरान नई स्किल सीखने की बात मानी।
Published on:
04 May 2020 03:10 pm

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