4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

1 अप्रैल से लागू होगा र्इ-वे बिल, जून तक भर सकेंगेे GSTR-3B

एक अप्रैल के बाद से यदि आप एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000 अधिक लागत का सामान ले जाते हैं तो इसके लिए आपको र्इ-वे बिल की आवश्यकता होगी।

2 min read
Google source verification
GST

नर्इ दिल्ली। जल्द ही नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है। नए वित्त वर्ष के साथ ही देश के आर्थिक व्यवस्था में कर्इ अहम बदलाव देखने को मिलेगा। इन्हीं में से एक है र्इ-वे बिल, जिसे सरकार एक अप्रैल से लागू कर देगी। एक अप्रैल के बाद से यदि आप एक राज्य से दूसरे राज्य में 50,000 अधिक लागत का सामान ले जाते हैं तो इसके लिए आपको र्इ-वे बिल की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही सेन्ट्रल बोर्ड आॅफ एक्साइज एंड कस्टम (CBEC) ने नोटिफिकेशन जारी करके बताया है कि GSTR-3B को जून तक भरा जा सकता है। किसी भी महीने का GSTR-3B अगले माह में 20वें दिन तक भरना जरूरी होता है।


जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया गया था फैसला

10 मार्च को वित्त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में हाेने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में ये दोनों फैसले लिए गए। एक फरवरी को र्इ-वे बिल को पहली बार पेश करने के बाद सरकार ने सावधानी बरतते हुए इसे लागू करना चाहती है। इसके लिए काउंसिल ने अंतर-राज्य में सामानों की मूवमेंट के लिए र्इ-वे बिल को सभी तैयारी के साथ लागू करने चाहती है। एक अप्रैल से अंतर-राज्य में र्इ-वे बिल लागू किया जाएगा जिसके बाद से 15 अप्रैल से एक ही राज्य के अंदर सामानों की अावाजाही के लिए भी र्इ-वे बिल लागू किया जाएगा। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

क्याें है र्इ-वे बिल आैर क्यों है ये जरूरी

किसी भी अंतराज्यीय या फिर एक ही राज्य में यदि आप 50,000 से अधिक के सामान को एक स्थाान से दूसरे स्थान पर ले जाते हैं तो आपको र्इ-वे बिल की आवश्यकता होगी। जरूरत पड़ने पर आपको इसे जीएसटी इंस्पेक्टर के सामने पेश करना होगा। माना जा रहा है कि इसके लागू होने के बाद बड़े स्तर पर होने वाली धांधली रूकेगी आैर टैक्स कलेक्शन में भी इजाफा होगा।


अगले तीन माह के लिए बढ़ा जीएसटी रिटर्न की तारीख

जीएसटी रिटर्न के संबंध मे, काउंसिल ने आसान तरीके आैर इसपर राज्यों के विचार जानने के लिए उनसे चर्चा की। जिसके बाद यही निर्णय लिया गया की मौजूदा फाइलिंग सिस्टम को तीन महीने तक आैर बढ़ाया जाएगा। इसी तरह रिटर्न GSTR-3B और जून तक अंतिम बिक्री GSTR-1 को जारी रखना जारी रखेगा।