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आईएएमएआई का दावा, डिजिटल संचार नीति से 40 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने दावा किया है कि डिजिटल संचार नीति से 40 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी।

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Saurabh Sharma

May 03, 2018

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nagaur hindi news

नई दिल्ली। देश में नौकरियों की कितनी जरुरत है, यह सभी जानते हैं। इसलिए सरकार की ओर से ऐसे क्षेत्रों में निवेश कर रही है जिससे आज के नौजवानों को नौकरियां भी मिल सके। ऐसे में संचार माध्‍यम सबसे बड़ा जरिया बनता जा रहा है। आने वाले सालों में संचार क्षेत्र में ही करीब 40 लाख नई नौकरियां पैदा होने का दावा किया जा रहा है।

आईएएमएआई का दावा
राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति बेहद महत्वाकांक्षी नीति है और इससे देश में 40 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा और सकल घरेलू उत्पाद में डिजिटल कम्युनिकेशन क्षेत्र का 8 फीसदी योगदान होगा। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 के मसौदे को लेकर यह बातें कही है, जिसे 1 मई को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने कहा कि यह बेहद महत्वाकांक्षी नीति है और अगर इसमें से सिर्फ 5 लक्ष्य भी 2022 तक पूरे हो जाते हैं तो यह डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

2022 तक रखे गए हैं नए लक्ष्‍य
आईएएमएआई ने कहा, "इस नीति में 2022 तक के लिए आशावादी लक्ष्य तय किए गए हैं जैसे सभी के लिए ब्रॉडबैंड का प्रावधान, डिजिटल कम्युनिकेशन सेक्टर में 40 लाख अतिरिक्त नौकरियां पैदा करना, भारत के सकल घरेलू उत्पाद में डिजिटल कम्युनिकेशन सेक्टर का 8 फीसदी योगदान सुनिश्चित करना तथा भारत को आईटीयू के आईसीटी विकास सूचकांक में शीर्ष पायदान के 50 देशों की सूची में लाना। ये सभी लक्ष्य सामाजिक दृष्टि से प्रासंगिक हैं और इनके माध्यम से भारत दुनिया की डिजिटल कम्युनिकेशन अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकेगा।"

डिजिटल इंडिया को किया जाएगा और तेज
आईएमएआई ने कहा कि वर्तमान में भारत की मुख्य समस्या है - पहुंच। नीति को कुछ इस तरह से तैयार किया गया है कि यह 2022 तक सशक्त डिजिटल कम्युनिकेशन अवसंरचना निर्माण में मदद करेगी। नीति के कई महत्वपूर्ण पहलू हैं जो पहुंच की इस समस्या को हल करेंगे जैसे हर नागरिक तक 50 एमबीपीएस का युनिवर्सल ब्रॉडबैण्ड कवरेज, सभी ग्राम पंचायतों के लिए 2020 तक 1 जीबीपीएस तथा 2022 तक 10 एमबीपीएस कनेक्टिविटी, सभी मुख्य विकास संस्थानों के लिए ऑन-डिमांड 100 एमबीपीएस ब्रॉडबैण्ड जो डिजिटल इंडिया की गति को तेज करेंगे।

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