जुलार्इ-सितंबर तिमाही के दौरान एडजस्टेड ग्राॅस रेवेन्यू (एजीआर) के मामले में रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलिकाॅम कंपनी बनने में नाकाम रही है।
नर्इ दिल्ली। साल 2016 में अपने लाॅन्च के बाद से ही देश के टेलिकाॅम सेक्टर में धूम मचाने वाली अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने तमाम विश्लेषकों को चौंका दिया है। जुलार्इ-सितंबर तिमाही के दौरान एडजस्टेड ग्राॅस रेवेन्यू (एजीआर) के मामले में रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलिकाॅम कंपनी बनने में नाकाम रही है। एजीआर को सर्विस लाइसेंस व नेशनल लाॅन्ग डिस्टेन्स लाइसेंस को ध्यान में रखकर कैलकुलेट किया जाता है। हाल ही में हुए आइडिया-वोडाफोन विलय के बाद बनी नर्इ कंपनी गत तिमाही में पहले स्थान पर है। टेलिकाॅम रेग्युलेटरी अथाॅरिटी आॅफ इंडिया (ट्रार्इ) द्वारा जारी डेटा के मुताबिक इस लिस्ट में भारती एयरटेल दूसरे स्थान पर है।
विश्लेषकों के अनुमान के उलट रहा नतीजा
वहीं, इसके पहले तिमाही में भारती एयरटेल पहले स्थान पर थी। उस दौरान वोडाफाेन-आइडिया का विलय नहीं हुआ था। विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि जुलार्इ-सितंबर तिमाही में मुकेश अंबानी की नेतृत्व वाली रिलायंस जियो सबसे पहले स्थान पर होगी। हालांकि, केवल एक्सेस लाइसेंस के आधार पर देखें तो रिलायंस जियो लगातार दूसरी बार देश की सबसे बड़ी टेलिकाॅम कंपनी बन गर्इ है। जियो के बाद वोडाफोल-आइडिया व भारती एयरटले क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर हैं।
सब्सक्राइबर्स की संख्या के आधार पर तीसरे स्थान पर है जियो
गत शनिवार को ट्रार्इ द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, जुलार्इ-सितंबर 2018 के दौरान जियो एक्सेस सर्विस के लिए एजीआर 8,271.86 करोड़ रुपए जबकि भारती एयरटेल की 6,720.91 करोड़ रुपए। जनवरी-मार्च 2018 के दौरान जियो वोडाफोन काे पछाड़ते हुए पहली बार टाॅप पर पहुंची थी। इसके पहले भारती एयरटेल का भारतीय टेलिकाॅम का बाजार पर वर्चस्व कायम था। सब्सक्राइबर्स के आधार पर बात करें तो सितंबर 2018 तक अपने संख्या में तेजी से इजाफा करते हुए रिलायंस जियो तीसरे स्थान पर है। वोडाफोन आइडिया 42.2 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ पहले स्थान पर भारती एयरटेल 32.9 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ दूसरे स्थान पर है। रिलायंस जियो के पास कुल 25.23 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं।