बलपुर में रकबा बढ़ा, सबसे ज्यादा होती है हरी मटर
जबलपुर@ज्ञानी रजक. सब्जियां उगाने में जबलपुर प्रदेश के बड़े उत्पादकों में शामिल है। यहां सभी प्रकार की सब्जियों की खेती होती है। लेकिन, किसानों का रुझान उन सब्जियों की खेती में अधिक है, जिनकी बाजार में वर्षभर मांग अधिक रहती है और दाम भी अधिक मिलते हैं। इनकी सप्लाई शहर सहित आसपास के जिलों और दूसरे राज्यों में भी होती है।
जिले में अनाज के साथ सब्जी की खेती करने वाले किसानों और खेती का रकबा भी बढ़ रहा है। वर्तमान में 50 से अधिक किस्मों की सब्जियों की खेती जिले में होती है। कोरोना संक्रमण के बाद से इनकी वैरायटी में इजाफा हुआ है। उद्यानिकी विभाग भी समय-समय पर किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ इनकी उपयोगिता की जानकारी देता है। इसलिए कुछ किसानों ने अनाज के बजाय सब्जियां लगाना शुरू कर दिया है।
7 लाख 26 हजार मीट्रिक टन उत्पादन
जिले में 52 हजार हेक्टेयर में सब्जियों की खेती हो रही है। हर साल 7 लाख 26 हजार मीट्रिक टन सब्जियों का उत्पादन होता है। सब्जी मंडी में किसानों को सभी प्रकार की सब्जियों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। कुछ थोक व्यापारी सीधे खेत से सब्जियों की सप्लाई कर रहे हैं। हरे मटर का रकबा सबसे अधिक जिले में 25 हजार हेक्टेयर से ज्यादा में मटर की बोवनी होती है। हर साल 2 लाख 40 हजार मीट्रिक टन हरा मटर होता है। इसका उपयोग सब्जियों के अलावा विभिन्न व्यंजन बनाने में होता है। जबलपुर का मटर कई राज्यों के अलावा जापान और सिंगापुर तक भेजा जाता है।
फैक्ट फाइल
52 हजार हेक्टेयर है जिले में सब्जियों की खेती का रकबा
- 7.25 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा होता है उत्पादन
- 2.40 लाख मीट्रिक टन है हरे मटर का उत्पादन
- टमाटर, आलू और बैगन की भी बड़ी मात्रा में होती है खेती
प्रमुख सब्जियां
जिले में मुख्य रूप से टमाटर, पत्तागोभी, फूलगोभी, शिमला मिर्च, बरबटी, फरासबीन, सेम, लौकी, बैंगन, हरी मिर्च, कद्दू, भिंडी, प्याज, आलू, मूली, करेला और पत्तेदार सब्जियों की खेती होती है।
सब्जियों का रकबा
सब्जी-- रकबा
करेला 2000
लौकी 1610
बैगन 3180
पत्ता गोभी 1100
फूलगोभी 1932
कद्दू 1500
भिंडी 3060
आलू 2850
टमाटर 4000
पत्तेदार सब्जियां 2100
नोट : रकबा हेक्टेयर में
जबलपुर में सब्जी की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। किसान उन सब्जियों की खेती अधिक कर रहे हैं, जिनकी सालभर मांग रहती है। विभाग भी उन्हें फसलों के ज्यादा उत्पादन और बाजार के बारे में जानकारी देता है।
मधुवन भारद्वाज, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी