
Accused of medical scandals entering university campus fearlessly
जबलपुर।
मेडिकल सेक्स स्केण्डल के आरोपी रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय परिसर में बेखौफ होकर विचरण कर रहे हैं। इन आरोपियों की आवाजाही से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल भी प्रभावित हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एेसे लोगों के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कुछ एेसे ही आरापों की एक शिकायत छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी गई। छात्रों ने आरोप लगाए कि सेक्स स्केण्डल से जुड़े कर्मचारी, ठेकेदार परिसर, भवन में आ जा रहे हैं। विवि के अफसर उनसे याराना निभा रहे हैं। एेसे में इन व्यक्तियों की गतिविधियां विश्वविद्यालय के स्वच्छ माहौल को प्रभावित कर सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि एेसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। विदित हो कि वर्ष 2011 में मेडिकल की छात्राओं को पास कराने के नाम पर कर्मचारी अधिकारियों द्वारा छात्राओं के साथ किस्मत के बदले अस्मत का सौदा किया गया था।
प्रशासनिक भवन तक है दखल
सेक्स स्केण्डल मामले के कुछ कथित आरोपी प्रशासनिक भवन तक पैठ बनाए हुए हैं। कई बार इन्हें अधिकारियों के साथ गलबहियां करते हुए देखा जाता है। यहां तक कि कई बार फाइलों में भी अपनी दखलांदाजी करते हैं। लेकिन इन पर किसी भी प्रकार की रोक टोक नहीं की जाती। जबकि न्यायालय ने सेक्स स्केंण्डल मामले के इन आरोपियों को विश्वविद्यालय परिसर से 100 मीटर की सीमा रेखा से दूर रहने के निर्देश दिए हैं जिस पर विवि प्रशासन को सख्ती से रोक लगाने के लिए कहा है। लेकिन इसके बाद भी विश्वविद्यालय के अफसर याराना निभा रहें है और कोर्ट के आदेशों की अव्हेलना कर रहे हैं।
तो फिर कर्मचारी भी दोषी छात्र
कुलसचिव प्रो.कमलेश मिश्रा को सौंपी शिकायत में लवदीप सिंह, अनुज शुक्ला, अनितेश चनपुरिया, सोम दत्त यादव आदि ने कहा कि मेडिकल सेक्स स्केण्डल के दोषियों को कैम्पस में प्रवेश से वैन लगाया जाए। किसी भी छात्र के ऊपर किसी मामले या शिकायत में आरोप सिद्ध न होने तक छात्रावास प्रवेश से वंचित न रखा जाए। अगर एेसा है तो विश्वविद्यालय के कर्मचारियों एवं अधिकारियों एवं प्रोफसेसर पर भी कार्रवाई की जाए जो अपराधिक मामलों में लिप्त हैं।
Published on:
29 Nov 2019 11:54 pm

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