
Amrit Heights Jabalpur
जबलपुर। बल्देवबाग स्थित अमृत हाइट्स की भूमि के मामले में एसडीएम गोरखपुर द्वारा तहसीलदार अधारताल के पूर्व आदेश को यथावत रखा है। इस आदेश को चुनौती देते हुए आगा चौक निवासी अपीलार्थी नरेंद्र उर्फ नंदू विश्वकर्मा के द्वारा किसी अन्य सक्षम न्यायालय में स्थानांतरण किए जाने का आवेदन किया गया था। कलेक्टर ने प्रकरण को जांच के लिए एसडीएम गोरखपुर न्यायालय भेज दिया था। न्यायालय ने प्रकरण सभी बिंदुओं पर अवलोकन करने के बाद पाया कि खाद्य विभाग के लिए अर्जित भूमि पर बहुमंजिला इमारत निर्मित की गई है। शासकीय भूमि पर अपीलार्थी का अवैध कब्जा है। इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर अपील की गई थी। इसकी सुनवाई तहसीलदार अधारताल के द्वारा की जा रही थी।
उन्होंने 20 नवंबर 2020 को जो आदेश पारित किया था, उसे एसडीएम दिव्या अवस्थी ने विधि एवं न्याय की मंशा के अनुरूप माना है। उसमें उन्होंने किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं बताई है। इसलिए अपीलार्थी की अपील को उन्होंने खारिज कर दिया है। साथ ही मूल प्रकरण को पुन: तहसीलदार अधारताल को भेज दिया गया है।
खाद्य विभाग का नाम दर्ज है
एसडीएम ने अपील में तहसीलदार के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा है कि आवेदक की भूमि खसरा नंबर 259 रकबा 5.19 एकड़ में से 2.73 एकड़ का अर्जन हुआ था, जो वर्तमान में खसरा नंबर 259/1 रकबा 1.100 हेक्टेयर पर खाद्य विभाग का नाम दर्ज है। प्रकरण में भू अर्जन के संलग्न दस्तावेजों से स्पष्ट होता है कि उक्त अर्जित क्षेत्र में ही अपीलार्थी यानि नंदू विश्वकर्मा की बहुमंजिला इमारत निर्मित है। अर्जित क्षेत्र में अपीलार्थी का भवन निर्मित है, जिसके यथोचित कारण के संबंध में उनके द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एवं दस्तावेज बलहीन है। इससे प्रमाणित होता है कि शासकीय भूमि पर अपीलार्थी के द्वारा अवैध कब्जा किया गया है।
Published on:
03 Feb 2022 01:26 pm

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