22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश का सबसे अच्छा बच्चों का अस्पताल, मप्र के इस जिले को मिला गौरव

देश का सबसे अच्छा बच्चों का अस्पताल, मप्र के इस जिले को मिला गौरव  

2 min read
Google source verification
Colds childrens cold winter Pneumonia increases risk Japanese fever

Colds childrens cold winter Pneumonia increases risk Japanese fever

जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू/ आइसीयू) के डॉक्टरों को शिशु म़ृत्य दर कम करने में सफलता मिली है। तीन माह से शिशु मृत्य दर आधी हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार पर्याप्त चिकित्सा संसाधन और आइसीयू प्रोटोकॉल का पालन होने से मौतों में कमी आई है। आइसीयू को और अपडेट किया जा रहा है। सर्वाधिक शिशु मृत्यु दर के मामले में मेडिकल अस्पताल जबलपुर राज्य में दूसरे स्थान पर था। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम के दौरे के बाद डॉक्टरों ने शिशु मृत्यु दर को चुनौती के रूप में लिया।

news facts-

मेडिकल अस्पताल के शिशु गहन चिकित्सा इकाई में बढ़ीं सुविधाएं
आइसीयू के अपग्रेड होने से बच्चों की जान में जान आई

नर्सरी में ये सुविधाएं बढ़ीं
सबसे पहले ऑक्सीजन सिस्टम सुधारा गया। एसएनसीयू के तीनों वेंटीलेटर खराब होने पर शिशु शल्य चिकित्सा विभाग से पांच वेंटीलेटर दिए गए। इसके बाद खराब वेंटीलेटर की मरम्मत कराई गई। यहां 28 नए इन्फ्यूजन पम्प भी लगाए गए हैं। एक्स-रे मशीन की मरम्मत होने से छाती का परीक्षण आसान हो गया है। एनएनसीयू इंचार्ज डॉ. अव्यक्त अग्रवाल ने बताया, दो दिन पहले माइक्रोस्कोप भी प्राप्त हुआ है।

प्रोटोकॉल पर फोकस-
शिशु रोग विभाग के एचओडी डॉ. पवन घनघोरिया ने बताया, एक माह तक के बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती किया जाता है। पर्याप्त संसाधन होने से लक्ष्य आसान हो गया। डॉक्टर और स्टाफ नर्स को प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। नवजात शिशुओं की माताओं और परिजन को हर दिन एक घंटे समझाइश दी जाती है।

नम्बर वन था जबलपुर, अब तीसरे स्थान पर-
साल 2017 में मेडिकल कॉलेज की शिशु मृत्यु दर प्रदेश में सर्वाधिक 34.6 प्रतिशत थी। इंदौर दूसरे एवं भोपाल तीसरे स्थान पर था। 2018 में अप्रैल से अगस्त के आकड़ों में जबलपुर 25.3 प्रतिशत के रेकॉर्ड के साथ तीसरे स्थान पर आ गया है। जबकि, भोपाल में सर्वाधिक एवं उसके बाद इंदौर में ज्यादा मौतें हुई हैं।

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में जबलपुर का शिशु मृत्यु दर सबसे कम करने का लक्ष्य है। मृत्यु दर नियंत्रित हुई है। संसाधन पर्याप्त हो गए हैं। एसएनसीयू में स्टाफ नर्स की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
- डॉ. नवनीत सक्सेना, डीन

मेडिकल अस्पताल में शिशु मृत्यु दर (प्रतिशत में )
माह 2016 2017 2018
मई 23.27 34.02 39.11
जून 38.46 38.42 17.12
जुलाई 22.33 27.00 18.25
अगस्त 28.82 34.13 17.79


एनएनसीयू

बेड संख्या 30
मदर वार्ड में बेड 20
वेंटीलेटर 08
इन्फ्यूजन पम्प 28
वार्मर 31
भर्ती 35 से 65