
जबलपुर. हाईकोर्ट की 3 मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर-ग्वालियर में गुरुवार को मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण यानी लाइव स्ट्रीमिंग की गई। न्यायिक कार्य में अधिकाधिक पारदर्शिता लाने की दृष्टि से इस कदम की काफी सराहना हो रही है। कोर्ट रूम प्रोसीडिंग की रियल टाइम टेलीकास्ट होने से पक्षकारों को अपने मामले की सुनवाई के दौरान अपने और दूसरी तरफ के वकील की जिरह सुनने को मिल रही है। साथ ही सहज, सरल व त्वरित न्यायदान की दिशा में भी यह प्रक्रिया मील का पत्थर साबित हो रही है।
10 मामलों की सुनवाई
गुरुवार को जबलपुर व इंदौर-ग्वालियर में कुल 10 प्रकरणों की सुनवाई का सीधा प्रसारण हुआ। जुलाई के अंत तक समस्त न्यायालयों की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाएगा। हाईकोर्अ ने प्रदेश के 50 जिला और सत्र न्यायालयों एवं 157 तहसील न्यायालयों में एकीकृत वीडियो निगरानी प्रणाली और कोर्ट रूम लाइव ऑडियो-विजुअल स्ट्रीमिंग सिस्टम को लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
वकालत की गुणवत्ता में भी इजाफा
रजिस्ट्रार जनरल आरके वाणी ने बताया कि सुनवाई सार्वजनिक होने की वजह से दोनों तरफ के वकील पहले की अपेक्षा कहीं अधिक तैयारी के साथ बहस शुरू करते हैं। इससे वकालत की गुणवत्ता में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
21 जून से आगाज
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लाइव स्ट्रीमिंट का आगाज 21 जून को हुआ था। पहले प्रायोगिक तौर पर महज मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच को इसमें शामिल किया गया था। फिर अन्य कोर्ट भी लाइव स्ट्रीमिंग का हिस्सा हुईं। यूट्यूब के जरिए भी लोगों ने सुनवाई को देखा।
सुप्रीम कोट से शुरुआत
सुप्रीम कोर्ट ने स्वप्निल त्रिपाठी के मामले की सुनवई करते हुए अपने महत्वपूर्ण निर्णय में मुकदमों की सुनवाई के टेलीकास्ट की आवश्यकता को रेखांकित किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से यह कल्चर शुरू हुआ। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इस तरह की पहल करने वाले अदालतों में अग्रिम पंक्ति में है।
Published on:
16 Jul 2021 08:21 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
