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#BJPLeader : पार्षद और पूर्व एमआईसी सदस्य भिड़े, बिजली खंभा लगाने पर विवाद

देर रात तक‌ पार्टी पदाधिकारी जुटे रहे समझौता कराने    

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BJP Leader dispute

BJP Leader dispute

जबलपुर. कार्यकर्ताओं की पार्टी और संगठन में सम्मान की बात कहने वाली भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं में के बीच मंगलवार शाम को जमकर विवाद हुआ। मामला तो यहां तक पहुंचा की पार्षद पति से धक्का-मुक्की तक हो गई। वर्तमान पार्षद और पूर्व एम आईसी सदस्य दो के बीच हुई तकरार की खबर लगते ही नगर संगठन भी हरकत में आया और पदाधिकारियों को भेजकर समझौते के प्रयास किए गए।

बिजली खंभे को लेकर हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मोना साहू के घर के सामने बिजली का खंभा लगा हुआ है, जिसे दोपहर में एक ट्रक ने टक्कर मारकर झुका दिया था, तार टूटकर गिरने के बाद पूरे क्षेत्र की लाइट बंद कर दी गई ।आनन-फानन में बिजली का खंबा बदलवाने और लाइट चालू करवाने का काम शुरु करा कर कराया गया। जिसे राजीव गांधी वार्ड की पार्षद मधुबाला राजपूत स्वयं खड़े होकर लगवाने का काम कर रही थी। इसी बीच मोना साहू ने अपने गेट के सामने से हटाकर दूसरी तरफ लगाने की बात कही। लेकिन पार्षद मधुबला सिंह उसी जगह लगवाने के लिए अड़ गयीं, इसी बात पर जमकर विवाद हो गया।

मोना साहू ने तत्काल पूर्व एमआईसी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता श्रीराम शुक्ला को बुला लिया। शुक्ला ने मामले को समझते हुए बचाव किया लेकिन बात बनने के बजाय बिगड़ गई। इसी बीच चंद्रशेखर आजाद मंडल अध्यक्ष पार्षद अतुल दानी व अन्य भाजपा नेता भी पहुंच गये। जिनसे पार्षद पति का विवाद हुआ और धक्का-मुक्की हो ग ई।

मामले को बढता देख संगठन आया हरकत में

मामले की जब खबर संगठन तक पहुंचे तो आनन-फानन में नगर अध्यक्ष ने नगर महामंत्री पंकज दुबे व अन्य वरिष्ठ नेताओं को विवादित स्थल पर पहुंचाया और दोनों पक्षों को समझाइस देकर शांत कराने की बात कही। रात 10 बजे तक पंकज दुबे व अन्य भाजपा नेता श्री राम शुक्ला, पार्षद मधुबाला सिंह राजपूत, अतुल दानी व अन्य से मामले को खत्म कर सामंजस्य बैठाने की बात करते रहे। हालांकि किसी में समझौता नहीं हुआ और अपने अपनी बात कह कर सब चलते बने। पार्षद मधुबाला सिंह राजपूत से कई बार फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष मोना साहू का फोन आया था। मौके पर पहुंचा तो पाया कि वे पोल को गेट के दूसरे तरफ लगवाने के लिए पार्षद से निवेदन कर रही थी, लेकिन पार्षद मानने को तैयार नहीं थी। भाजपा के अन्य नेता भी पहुंचे लेकिन समझाने के बाद भी वे नहीं मानी। मोना साहू जी ने अपने कहे शब्दों के लिए माफी भी मांगी। इसी बीच पार्षद पति अचानक विफर पड़े और बहस करने लगे संगठन के पदाधिकारियों ने सुलह कराने का प्रयास किया है।
- श्रीराम शुक्ला, पूर्व एम आईसी सदस्य एवं वरिष्ठ नेता भाजपा