3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कॉलेज गर्ल्स ने तैयार किया ऐसा नुस्खा, जो माताओं में बढ़ाएगा दूध, वीडियो में देखें इसका कमाल

कॉलेज की छात्राओं ने तैयार किया अनूठा मिल्क सिक्रीशन फूड

2 min read
Google source verification
ome remedy for Increasing breast milk

कॉलेज की छात्राओं ने तैयार किया अनूठा मिल्क सिक्रीशन फूड

जबलपुर। विश्व स्तन पान सप्ताह को लेकर जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। माताओं को स्तनपान का महत्व समझाया जा रहा है। उन्हें ये बताया जा रहा है कि मां का दूध शिशु के कितना अहम है। इसका पान कराने से शिशु को कौन-कौन से फायदे होंगे। वहीं एक कॉलेज में गर्ल्स ने कुछ अनूठा ही काम किया। उन्होंने घरेलू सामग्रियों के उपयोग से ऐसा मिल्क सिक्रीशन फूड तैयार किया है, जो माताओं में दूध की मात्रा को बढ़ा देगा। खास बात यह है कि इस फूड खाने से बच्चे के साथ जच्चा में स्वस्थ व तंदरुस्त रहेगी।

ऐसे तैयार की स्पेशल डाइट
कॉलेज के फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग की छात्राओं ने दादी-नानी के नुस्खों की तरह सोंठ के लड्डू, दलिया, गुड़ की बनी चिक्की और ढोकले आदि तैयार करके इनका एक कार्यक्रम में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने इस मिल्क सिक्रीशन फूड नाम दिया है। छात्राओं का मानना है कि यदि महिलाएं डिलीवरी के बाद यह फूड खाती हैं तो इससे दुग्ध स्त्राव होगा और स्तनपान कराने से शिशु के लिए लाभदायक होगा। टोटल किचिन में मौजूद सामग्रियों से बने इस फूड में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन होता है, जिसकी वजह से यह मां को फायदा होगा। इसके साथ ही मिल्क अधिक मात्रा में सिक्रीट होगा। इसे बच्चा के जज्जा भी स्वस्थ और खुशहाल रहेगी।

बताए स्तन पान के फायदे
महिला एवं बाल विकास विभाग जिला प्रशासन, होम साइंस कॉलेज के मानव विकास तथा आहार-पोषण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कॉलेज में ‘स्तनपान जीवन की आधारशिला’ विषय पर आयोजित सेमिनार आयोजित किया गया। इस सेमीनार में डॉ. मैत्रीय दत्त ने छात्राओं को स्तनपान के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि मां का दूध अमृत समान होता है। इससे मां और शिशु दोनों की सेहत अच्छी रहती है। छह महीने तक बच्चे को स्तनपान जरूर कराना चाहिए।

औषधि है मां का दूध
वक्ताओं ने कहा कि मां का दूध एक ऐसी औषधि है, जो बच्चे में जीवनी शक्ति को बढ़ाता। बचपन में कराया गया स्तन पान केवल बचपन में ही नहीं बल्कि उम्र के अंतिम पड़ाव तक व्यक्ति का साथ निभाता है। इसमें ऐसी कुदरती चीजें होती हैं जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं। बचपन में अच्छी तरह से स्तनपान करने वाले बच्चों में स्तन पान नहीं करने वाले बच्चों से कई गुना अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य डॉ. अखिलेश अयाची, जिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी मनीष शर्मा, सुषमा, डॉ. नंदिता सरकार, डॉ. अर्चना गुप्ता, डॉ. आभा तिवारी, डॉ. बृजलता दुबे, डॉ. गीता शुक्ला, डॉ. मीना कुमार समेत अन्य मौजूद रहीं। बतया गया है कि स्तन पान सप्ताह के तहत यहां क्विज, स्लोगन, प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक जैसे विविध आयोजन हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें

image
Story Loader