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कॉमेडी किंग ने कहा अश्लीलता और फूहड़ता से गिरा स्तर, कला में हदें पार- देखें वीडियो

कॉमेडी किंग ने कहा अश्लीलता और फूहड़ता से गिरा स्तर, कला में हदें पार- देखें वीडियो  

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comedian sunil pal, great indian laughter challenge

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जबलपुर। हंसना, हंसाना और मस्ती परिवार के साथ अच्छी लगती है। जब अपने साथ होते हैं तो कॉमेडी का मजा दोगुना हो जाता है। लेकिन वर्तमान में कॉमेडी के बीच अश्लीलता, फूहड़ता ने इसका स्तर गिरा दिया है। खासकर स्टैण्डअप कॉमेडी में इसका चलन सबसे ज्यादा बढ़ा है। जिससे पारिवारिक मनोरंजन के बजाय ये प्राइवेट व एक आयुवर्ग विशेष के शो बनकर रह गए हैं। ये कहना है ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज 1 के विनर एवं स्टैण्डअप कॉमेडियन सुनील पाल का। शुक्रवार को निजी कार्य से जबलपुर पहुंचे सुनील पाल ने पत्रिका से लाइव चर्चा के दौरान कॉमेडी के बदलते स्वरूप और गिरने स्तर पर खुलकर बात रखी। जबलपुर की हरियाली, खाने और लोगों के मिलनसार होने की तारीफ भी की।

ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज 1 के विनर स्टैण्डअप कॉमेडियन सुनील पाल ने पत्रिका लाइव में कहा

10 साल के संघर्ष के बाद मिला मौका
कॉमेडियन ने कहा वे साल 1995 में ही मुंबई आ गए थे। छोटे मोटे शो, ऑर्केस्ट्रा टीमों के साथ काम करते रहे। इसी बीच ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज में सिलेक्शन हो गया। जिसके बाद किस्मत ने साथ दिया और मेहनत के बल पर मेरी एक पहचान बनी। फिल्मों में काम करने का मौका मिला, खुद की फिल्में बनाईं। अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतियां देने जाता हूं। पर इस सब में मुझे दायरा पता होता है कि मुझे कैसे लोगों का मनोरंजन करना है। सीमाएं खुद के लिए बांधी हैं।
जल्दी नाम कमाने में तोड़ रहे मर्यादाएं
सुनील ने कहा स्टैण्डअप कॉमेडी की शुरुआत एक फैमिली शो के तौर पर हुई थी, लेकिन अब इसमें गाली गलौच, अश्लीलता, घटिया किस्म के जोक, फूहड़ता को शामिल कर लिया गया है। अधिकतर युवा कॉमेडियन जल्दी नाम कमाने के चक्कर में वे समाज, धर्म या व्यक्ति विशेष पर ऐसी बातें कह देते हैं, जिससे वे चर्चा में आ जाएं। जो समाज के लिए अच्छे संकेत नहीं है। पिछले दिनों इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसका नुकसान उन्हें तो उठाना ही पड़ता है, हम जैसे फैमिली शो करने वाले कलाकारों को भी शो मिलने बंद हो जाते हैं। हमारा उद्देश्य है ऐसा मनोरंजन करना जो लोग एक साथ बैठकर देखें सुनें, न कि अकेले में देखकर दो पल का आनंद लें।
छोटे शहरों के कलाकार छा रहे
कॉमेडियन ने बताया कि आज छोटे शहरों के कलाकारों को बड़े बड़े मंच मिल रहे हैं। इसका सीधा कारण है कि अब प्रतिभाएं अपने लिए मंच और मंच कलाकारों को कहीं न कहीं से खोज लेते हैं। ओटीटी प्लेटफार्म पर कुछ प्रतिशत लोगों के लिए अश्लील और फूहड़ मनोरंजन बनाया जा रहा है, जिसका असर एक बड़ी संख्या के दर्शकों पर भी हो रहा है।