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शहर में कोरोना का कहर टूट रहा, इधर जांच मशीन ही बंद हो गई

जबलपुर में ट्रूनेट मशीन से कोरोना टेस्ट बंद, बाकी दो लैब में धीमी पड़ी जांच, करीब आधे नमूने गुजरात की लैब भेज रहे  

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जबलपुर। कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलाव के बीच संदिग्धों के नमूने की जांच करने वाली जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल की लैब का काम ठप हो गया। कोरोना की सबसे तेज जांच करने वाली ट्रूनेट मशीन दो दिन से बंद है। एनआईआरटीएच और मेडिकल की वायरोलॉजी लैब की जांच क्षमता बढऩे के साथ ही आसपास के जिलों से आने वाले नमूनों में वृद्धि हुई है। इन दोनों लैब को मिलाकर औसतन 250-300 नमूने की जांच का स्लॉट ही प्रतिदिन जिले के खाते में आ रहा है। बाकी नमूने जांच के लिए गुजरात की प्राइवेट लैब में भेजे जा रहे हैं। इससे रिपोर्ट आने में ज्यादा समय लग रहा है।

शहर की स्थिति
- 03 लैब, एनआईआरटीएच, मेडिकल, विक्टोरिया में
- 750-850 के करीब नूमने की प्रतिदिन जांच क्षमता
- 04 सौ के लगभग प्रतिदिन औसतन सैम्पलिंग
- 50-60 प्रतिशत नमूने की इसमें शहर में जांच
- 30-50 प्रतिशत नमूने की जांच बाहर हो रही है
- 2-8 दिन तक संदिग्ध को नहीं मिल रही रिपोर्ट
- 04 महानगर में सबसे कम शहर में सैम्पलिंग
खतरा बढ़ रहा
शहर में बीते कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण दर तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही कॉन्टेक्ट हिस्ट्री लम्बी होने से संदिग्ध ज्यादा मिल रहे हैं। पॉजिटिव और संदिग्ध की संख्या बढऩे के साथ ही उन पर लगातार निगरानी प्रशासन की पहुंच से दूर होती जा रही है। नमूने लेने के बाद संदिग्ध को रिपोर्ट नहीं आने तक क्वारंटीन होना है। लेकिन, इस बात की शिकायत बढ़ रही है कि कई लोग नमूने देने के बाद क्वारंटीन नहीं हो रहे। दो-तीन दिन में रिपोर्ट नहीं मिलने पर सम्बंधित नियम तोड़कर घर से बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में संक्रमण के फैलाव का खतरा है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग कितने गम्भीर है इसकी पोल ट्रूनेट मशीनों की किट की कमी ने खोल दी है। टीबी की जांच लिए आई ट्रूनेट मशीनें कोरोना की जांच में कारगार साबित हुई हैं। इसके बावजूद इन मशीनों की किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई। ज्यादातर जिला अस्पतालों की ओर से किट के टोटे की जानकारी और नई खेप की करीब एक सप्ताह पहले से मांग किए जाने के बावजूद अभी तक टेस्ट किट उपलब्ध नहीं हो पाई है। लैब में आठ से 10 घंटे में मिलने वाली कोरोना रिपोर्ट इस मशीन से महज डेढ़ से दो घंटे में प्राप्त हुई है।

शहर में निजी लैब को कोरोना टेस्ट की जांच अनुमति देने का सिलसिला शुरूहो गया है। अभी एक नामी निजी पैथोलॉजी कम्पनी ने शहर में संचालित केंद्र को कोरोना टेस्ट के लिए थ्रोट स्वाब नमूने का कलेक्शन शुरू कर दिया है। यह केंद्र कम्पनी की बड़े शहरों में स्थापित लैब से जांच कराकर रिपोर्ट दे रही है। शहर के एक निजी अस्पताल और एक निजी ब्लड बैंक ने एंटीजन टेस्ट के लिए अनुमति मांगी है। ये संस्थान दूसरे शहरों की लैब के साथ अनुबंध के तहत शहर से भेजे जानेवाले नमूनें की जांच करके रिपोर्ट भेजेंगे। प्लाज्मा थैरेपी के लिए स्वस्थ्य हो चुके संक्रमित की खून की जांच करके एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए जरूरी व्यवस्था के साथ मेडिकल कॉलेज सहित निजी अस्पतालों ने आवेदन किया है। इनमें एक-दो दिन में यह सुविधाएं शुरू हो जाएगी।

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