
Dairy Estate: jabalpur
जबलपुर . डेयरी उद्योग में परंपरागत लोगों के अलावा युवा रुचि ले रहे हैं। बरेला के पास नीमखेड़ा में बने डेयरी एस्टेट में खाली 30 भूखंडों के लिए जो नए निवेशक सामने आए हैं, उसमें कई युवा हैं। उन्होंने पहले इस क्षेत्र में काम नहीं किया। जल्द ही भूखंड आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इस बीच दो उद्यमियों ने एस्टेट परिसर में शेड का निर्माण शुरू कर दिया है।
नीमखेड़ा में स्थापित मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के डेयरी एस्टेट में 50 एकड़ क्षेत्रफल में 68 भूखंड हैं। अभी 30 भूखंड खाली थे, जिन्हें भरने की कवायद विभाग कर रहा है। इसके लिए 32 आवेदकों ने आवेदन किए हैं। अब उन्हें इनका आवंटन किया जाएगा। इससे पहले जो भूखंड आवंटित किए गए थे, उनमें कोई गतिविधियां नहीं किए जाने के कारण 13 निवेशकों के भूखंड निरस्त कर दिए गए थे।
इसी प्रकार पहले भी कुछ भूखंड खाली थे। इसलिए निगम कार्यालय ने एक साथ सभी रिक्त भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया के तहत आवेदन बुलाए थे। इनमें भूखंडों की तुलना में 2 अधिक आवेदक आए हैं। इनमें कुछ युवा हैं। वे इस उद्योग में अपना भाग्य आजमाना चाहते हैं। विभाग के अधिकारी भी उन्हें प्रोत्साहित कर रहे हैं। नए आवेदकों में शहर के कुछ बडे़ डेयरी संचालक यहां पर अपनी डेयरी को शिफ्ट करना चाहते हैं। एस्टेट में कई प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
सड़क के बजट के लिए लिखा पत्र
एस्टेट तक आने के लिए मुख्य मार्ग के लिए फिर से प्रयास शुरू किए गए हैं। अभी कोई बजट नहीं होने के कारण जिला पंचायत के माध्यम से शासन को पत्र लिखा जा रहा है। जब यह सड़क बन जाएगी तब शेड बनाने के काम में तेजी आ सकती है। अभी जो रास्ता है, वह गांव के भीतर से होकर आता है। इसलिए वह संकरा है।
डेयरी एस्टेट में निवेशकों का रुझान फिर से बढ़ा है। युवा उद्यमी भी इस कारोबार में आना चाहते हैं। उन्होंने भूखंड के लिए आवेदन दिए हैं। जल्द ही आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ. आरके कुर्मी, कार्यपालिक अधिकारी, मप्र राज्य पशुधन कुक्कुट विकास निगम
Published on:
10 Jan 2023 12:19 pm

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